कोर्ट जहां मुर्दों का भी दर्ज होता है बयान, जानिए कैसे?

मध्य प्रदेश के भोपाल में चर्चित जमीन घोटाले से जुड़ा एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां जांच में जुटे लोकायुक्त की स्पेशल पुलिस की ओर से कोर्ट में मरे हुए किसान का बयान पेश किया गया। चौंका देने वाली बात है कि किसान के परिजन कोर्ट में उसका डेथ सर्टिफिकेट लेकर पहुंच गए।कोर्ट जहां मुर्दों का भी दर्ज होता है बयान, जानिए कैसे?अभी-अभी: MCD ने की बड़ी मांग, सीलिंग से पहले मिले 48 घंटे की मोहलत
इसके बाद केस में हुई गड़बड़ियां सामने आने लगी और इसी वजह से पुलिस जांच पर बड़ा सवाल खड़ा होने लगा है। बता दें कि मामला करीब 800 एकड़ जमीन का है, जिसकी कीमत करीब 1600 करोड़ रुपये है, लेकिन आरोप है कि इस जमीन को महज 1.5 करोड़ में बेच दिया गया।

इस जमीन पर करीब 141 किसान अपना मालिकाना हक बता रहे हैं और उनका कहना है कि समय पर कर्ज नहीं चुकाने की वजह से जमीन की बिना जानकारी दिए नीलामी कर दी गई। जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक और भूमि विकास बैंक की ओर से किसानों को लोन दिया गया था, लेकिन वे इसे चुका नहीं पा रहे थे। 

किसान के बेटे ने बयां की आपबीती

इसके बाद साल 2013 में किसान अपनी शिकायत लेकर लोकायुक्त के पास पहुंचे और इसी साल 4 जुलाई को पहली एफआईआर भी दर्ज की गई। एक पीड़ित किसान के बेटे का कहना है कि उन्होंने बैंक से 8 हजार रुपये का लोन लिया था, लेकिन नहीं चुकाने पर उनकी करीब 7.1 एकड़ जमीन बिना जानकारी दिए नीलाम कर दी गई। 

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