कोर्ट में लालू ने रखी ये मांग ,जज ने कहा – ये तो जेल में ही मिल जाएंगी

बुधवार को एक बार फिर चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू यादव को सीबीआई जज शिवपाल सिंह के सामने पेश होना पड़ा। राजद अध्यक्ष लालू यादव को चारा घोटाले के आरोप में 3.5 साल की सजा और 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था। यादव ने बुधवार कहा कि रांची की बिरसा मुंडा जेल के अधिकारी एक हफ्ते में उन्हें तीन से ज्यादा लोगों से मिलने नहीं दे रहे हैं।

79 साल के लालू ने कहा- जेलर ने कहा कि हफ्ते में केवल तीन लोग मुझसे मिल सकते हैं। कृपया इस मामले को देखें। उन्होंने जज को उनकी स्पेशल ताकत का अहसास दिलाते हुए कहा- आपके पास बहुत शक्ति है। आप किसी को भी झुका सकते हैं। जिसके जवाब में जज ने कहा कि यह शक्ति विधायिका के दायरे में ही रहती है।

जज शिवपाल सिंह के सामने लालू यादव दूसरे चारा घोटाले मामले में पेश हुए थे। यह आठवीं बार है जब लालू जेल में हैं। लेकिन यह पहली बार है जब जेल अधिकारी उनपर नियम-कानून थोप रहे हैं। भाजपा शासित रघुबर दास की झारखंड सरकार ने राजद अध्यक्ष को किसी भी तरह का स्पेशल ट्रीटमेंट देने से मना कर दिया है।

बुधवार को लालू ने कोर्ट में एक और दलील देते हुए कहा कि मकर संक्रांति महोत्सव रविवार को है। उन्होंने कहा- हम इसे दही-चूड़ा खाकर धूम-धाम तरीके से मनाते हैं। इसी वजह से उन्हें समर्थकों से मिलने दिया जाए। मगर जज ने उनकी इस बात को नजरअंदाज करते हुए एक फीकी मुस्कान देते हुए कहा कि वो इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें जेल में दही-चूड़ा मिल जाए।

बता दें कि लालू यादव हर साल मकर संक्रांति के मौके पर राजद के नेताओं और राजनीतिक दोस्तों के लिए बिहार में ग्रैंड तरीके से दही-चूड़ा कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। मगर इस साल उनका परिवार पटना में उनकी गैर-मौजूदगी में इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं करेगा।

 
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