कौन हैं 111 साल के लिंगायत संत, जिनका आशीर्वाद चाहता है हर नेता

कर्नाटक में अगले महीने 12 मई को विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव प्रचार के बीच सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रमुख और नेता लिंगायत संत शिवकुमार स्वामी से मिलने सिद्धगंगा मठ पहुंच रहे हैं. बेंगलुरु से करीब 70 किलोमीटर दूर तुमकुर में बने इस मठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, सोनिया गांधी, मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राज्य के वर्तमान सीएम सिद्धारमैया, बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा, पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा भी आ चुके हैं.

माना जाता है कि कर्नाटक में चुनाव जीतने के लिए वोट के साथ-साथ 111 साल के इस संत का आशीर्वाद भी जरूरी है.सिद्धगंगा मठ ने हाल ही में लिंगायत संत शिवकुमार स्वामी का 111वां जन्मदिवस मनाया है. डॉ. शिवकुमार स्वामी भले ही राजनीति में न आए हो, लेकिन कर्नाटक की राजनीति में वो हमेशा चर्चा का विषय बने रहते हैं. उनके मठ में बीजेपी के नेता भी आते हैं और कांग्रेस के लोग भी. लिंगायत संत के रूप में राज्य में उनकी बहुत प्रतिष्ठा है. यहां तक कि समर्थक उन्हें ‘जीता-जागता भगवान’ मानते हैं.

इसके एक हफ्ते पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी कर्नाटक यात्रा के दौरान सिद्धगंगा मठ के संत से मिल चुके हैं. शाह ने दलित और पिछड़ा वर्ग के संतों से भी मुलाकात की थी, ताकि वह इन समुदायों तक पहुंच बना सकें. कुछ दिनों पहले कुमारास्वामी ने भी इस मठ का दौरा किया. वहीं, पीएम मोदी भी सिद्धगंगा मठ आकर संत शिवकुमार स्वामी का आशीर्वाद ले चुके हैं.

संत शिवकुमार स्वामी का इतना प्रभाव है कि कोई भी नेता या राजनेता सिद्धगंगा मठ को नज़रअंदाज नहीं कर पाता. जब भी किसी नेता या राजनेता का कर्नाटक दौरा होता है, तो उनके कार्यक्रम में सिद्धगंगा मठ का दौरा जरूर शामिल होता है. तुमकुर में बना सिद्धगंगा मठ करीब 600 साल पुराना है. ओल्ड मैसूर क्षेत्र में रहने वाले लोगों के सामाजिक-धार्मिक जीवन में इस मठ का काफी प्रभाव है.

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