क्या इस वजह से समय से पहले होंगे आम चुनाव ?

जो लोग पीएम मोदी की कार्यशैली को समझ गए हैं, वे यह जानते हैं कि मोदी अक्सर चौंकाने वाले फैसले लेते हैं, मिसाल के रूप में सर्जिकल स्ट्राइक और नोटबंदी को लिया जा सकता है. ऐसे ही सियासी गलियारों में यह सुगबुगाहट है, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की जोड़ी 2018 खत्म होने से पहले ही लोकसभा चुनाव का ऐलान कर सबको हैरान कर सकते है.क्या इस वजह से समय से पहले होंगे आम चुनाव ?आदेश: सुप्रीम कोर्ट ने गौरक्षा के नाम पर हिंसा के संबंध में मांगी राज्यों से रिपोर्ट !

बता दें कि गत माह बीजेपी शासित राज्यों के 13 मुख्यमंत्रियों और छह उप मुख्यमंत्रियों की मोदी-शाह के साथ हुई बैठक से तो यही संकेत मिल रहे है. लोकसभा-विधानसभा चुनाव साथ कराने का फार्मूला लागू करने का ऐलान सम्भव है.सरकार और संगठन में उच्च स्तर पर जो विचार विमर्श हो रहा है और ज़मीनी स्तर तक संगठन को सक्रिय करने से यही संकेत मिल रहे हैं, कि वक्त से पहले लोकसभा चुनाव हो सकते है.

वैसे तो आम चुनाव जून 2019 में होंगे, लेकिन बीजेपी को 2018 तक कहीं से कोई चुनौती मिलती नहीं दिख रही रही है. इसीलिए वह  जल्दी चुनाव चाहती है, क्योंकि जून 2019 तक परिस्थितियां क्या करवट ले लें और कैसी चुनौतियाँ खड़ी होती है, कुछ कहा नहीं जा सकता.बीजेपी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा के साथ ही लोकसभा चुनाव भी चाहती है. जबकि इन तीनों राज्यों में विधानसभा के चुनाव नवंबर-दिसंबर 2018 में होंगे.

बता दें कि लोकसभा के साथ जब विधानसभाओं के चुनाव होते हैं, तो स्थानीय मुद्दे हाशिए पर चले जाते हैं. ऐसे में सत्ता के ख़िलाफ़ नाराज़गी से भी निपटा जा सकता है. लोकसभा चुनाव की तैयारी के तहत मोदी सरकार खास तौर से गरीबों के लिए लुभावनी योजनाएं आरम्भ करने वाली है. इनमें ‘सुभाग्य’ योजना शामिल है, जिसमें चुनाव से पहले हर ग्रामीण घर में सब्सिडी के तहत बिजली देने का लक्ष्य है.

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