क्या सचमुच उत्तर कोरिया से डरता है US

उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अमेरिका को लेकर चेतावनी भरा बयान दिया है. उत्तर कोरिया के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने सोमवार को कहा कि जिस तरह से अमेरिका उसके अधिकारों की आलोचना कर रहा है, यह दर्शाता है कि वॉशिंगटन प्योंगयांग के परमाणु हथियारों से डरा हुआ है. मिशन ने कहा कि, उसके देश से दक्षिण कोरिया भागे “जी. सियोंग-हो” को ट्रंप द्वारा  ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन के लिए आमंत्रित करना, इसके अलावा अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस का ऑटो बॉर्मबियर के पिता को विंटर ओलिंपिक में अपने साथ ले जाना, ये दो किस्से बताते हैं कि, उत्तर कोरिया की परमाणु ताक़त से कितना भयभीत है.क्या सचमुच उत्तर कोरिया से डरता है US

मिशन ने अमेरिका की इस कार्यवाही को हताशापूर्ण बताते हुए कहा कि, यह सब अमेरिका इसलिए कर रहा है, क्योंकि वो उत्तर कोरिया से डर गया है.उल्लेखनीय है कि, बॉर्मबियर अमेरिका में रहने वाला एक छात्र था जो उत्तर कोरिया की जेल में बंद था, जब उसे उत्तर कोरिया से आजाद किया गया, तो अमेरिका पहुँचने के कुछ दिन बाद ही उसकी मौत हो गई थी.  

उधर अमेरिका की ओर से उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा है कि, अमेरिका बिना किसी शर्त के परमाणु सम्पन्न देश उत्तर कोरिया से बात करने को तैयार है. लेकिन जब तक उत्तर कोरिया के परमाणु परिक्षण पूरी तरह बंद नहीं हो जाते, तब तक अमेरिका उस पर प्रतिबन्ध लगाना जारी रखेगा. 

You May Also Like

English News