क्या हैं मोदी के मन में, 33 दिन में मुस्लिमों पर लिए तीन बड़े फैसले…

मोदी सरकार का पूरा फोकस लगता है इन दिनों देश के मुसलमानों पर है. मंगलवार को सरकार ने लंबे समय से मुसलमानों को मिल रही हज सब्सिडी खत्म करने का फैसला किया. इससे पहले उसने अकेले हज जाने वाली महिलाओं को बड़ी राहत दी थी. ये भी गौर करने वाली बात है कि दो हफ्ते पहले ही सरकार ने लोकसभा में तीन तलाक बिल पास कराने में सफलता हासिल की. इस तरह पिछले 33 दिन में मोदी सरकार ने मुसलमानों से जुड़े तीन अहम कदम उठाए हैं. विपक्ष इसे बीजेपी की सियासी रणनीति का हिस्सा भी मान रहा है.क्या हैं मोदी के मन में, 33 दिन में मुस्लिमों पर लिए तीन बड़े फैसले...

हज सब्सिडी खत्म

दुनिया के मुसलमानों की तरह भारत के मुसलमान भी सऊदी अरब हज के लिए जाते हैं. भारतीय हाजियों की यात्रा के खर्च का कुछ हिस्सा केंद्र सरकार सब्सिडी के रूप में खुद वहन करती है. ये सब्सिडी उन्हीं हज यात्रियों को मिलती है, जो हज कमेटी के जरिए जाते हैं. मोदी सरकार ने मंगलवार को इस हज सब्सिडी को पूरी तरह से समाप्त कर दिया. सरकार के इस फैसले का मुसलमानों के बड़े तबके ने स्वागत किया, हालांकि कुछ लोग इससे नाराज भी हुए.

तीन तलाक के खिलाफ बिल

मोदी सरकार ने तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को निजात दिलाने का बीड़ा उठाया है. तीन तलाक को जुर्म घोषित कर इसके लिए सजा मुकर्रर करने संबंधी विधेयक को 15 दिसंबर को कैबिनेट की मंजूरी मिली और 28 दिसंबर को लोकसभा ने इसे पास भी कर दिया. हालांकि राज्यसभा में एनडीए का बहुमत न होने से ये विधेयक अटका हुआ है. सरकार बजट सत्र में इस विधेयक को दोबारा पास कराने की कोशिश करेगी. मोदी सरकार के इस कदम से जहां मुस्लिम महिलाएं खुश नजर आईं तो मुस्लिम संगठनों ने विधेयक के प्रावधानों को लेकर नाराजगी जाहिर की.

पुरुषों के बगैर मुस्लिम महिलाओं को हज पर जाने की इजाजत 

मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं से जुड़ा दूसरा फैसला पुरुषों के बगैर उनके हज पर जाने का लिया. 45 साल से ज्यादा उम्र की मुस्लिम महिलाएं अब बिना पुरुष अभिभावक के हज पर जा सकेंगी. इसी साल 1300 मुस्लिम महिलाएं बगैर पुरुष के हज पर जाएंगी.  हालांकि कई मौलानाओं और संगठनों ने इस फैसले का विरोध किया था. उनका कहना था कि ऐसा करना गैर-इस्लामिक और शरिया के खिलाफ है.

फैसलों के पीछे के सियासी मायने

मुसलमानों से जुड़े मामलों पर मोदी सरकार ताबड़तोड़ फैसले ले रही है. इसके पीछे सियासी मायने भी निकाले जाने लगे हैं. इस साल 8 राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं और 2019 में लोकसभा चुनाव हैं. माना जा रहा है कि मोदी सरकार के इन कदमों से जो संदेश जा रहा है उसके सियासी फायदे बीजेपी को मिलेंगे.

मोदी सरकार ने अपने इन फैसलों से साफ संदेश दिया है कि सरकार कट्टरपंथियों के आगे नहीं झुकेगी और मुस्लिम तुष्टिकरण की राह पर नहीं चलेगी. वो मुस्लिम तुष्टिकरण की बजाय मुस्लिम सशक्तिकरण की दिशा में काम करेगी. इससे जहां बीजेपी को मुस्लिम महिलाओं का वोट मिलने की उम्मीद है, वहीं बहुसंख्यक समाज के भी वो लोग जो कांग्रेस से मुस्लिम तुष्टिकरण की वजह से नाराज रहते थे, इन सख्त फैसलों के चलते बीजेपी के खेमे में मजबूती से जुड़ेंगे.

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