क्यों नहीं पेटोल, डीजल को सरकार ला रही है GST के दायर में?: चिदंबरम

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच उपभोक्ताओं को राहत न मिलने पर केंद्र सरकार को घेरते हुए पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने पांच सवाल पूछे हैं। इसके साथ ही तेल मार्केटिंग कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम को ओएनजीसी को बेचने के प्रोसेस पर भी सवाल उठाए हैं। क्यों नहीं पेटोल, डीजल को सरकार ला रही है GST के दायर में?: चिदंबरमपब्लिक को लाभ नहीं दे रही सरकार
चिदंबरम ने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए पूछा कि पेट्रोल और डीजल के दाम देश भर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। ऐसे में केंद्र सरकार क्यों नहीं उपभोक्ताओं को राहत दे रही है। यह पूरी तरह से उपभोक्ताओं के विरुद्ध है। 

सरकार पेट्रोल डीजल की कमाई कर रही है गलत जगह खर्च

चिदंबरम ने आगे पूछा कि सरकार पेट्रोल-डीजल पर लगे टैक्स जो कमाई कर रही है, उसको गलत योजनाओं पर खर्च कर रही हैा। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? 
GST के दायरे में कब लेकर आएंगी पेट्रोल-डीजल
चिदंबरम ने पूछा कि केंद्र सरकार क्यों पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के सवाल पर टालामटोली कर रही है। उन्होंने सरकार से कहा कि इन दोनों कमोडिटी को जल्द से जल्द  जीएसटी के दायरे में लाया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। 
HPCL-ONGC डील पर उठाए सवाल
चिदंबरम  ने तेल मार्केटिंग कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और ओएनजीसी की डील पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि सरकार ने इस डील के लिए 30 हजार करोड़ की उधारी को देने से मना कर दिया, लेकिन ओएनजीसी सरकार से एचपीसीएल के शेयर खरीदने के लिए 30 हजार करोड़ उधार लेगी। क्या इससे सरकार के चालू घाटे पर असर नहीं पड़ेगा?

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