क्रिकेट में इस बाप-बेटे के नाम है, कभी न टूटने वाला ये रिकॉर्ड

दुनिया के किसी भी खेल से ज्यादा क्रिकेट को पसंद करने वाले लोग सबसे ज्यादा है. भारत में तो हर बच्चे के हाथ में बल्ला होता है और दिल में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर. देखा जाए तो क्रिकेट का इतिहास इतना पुराना है कि क्रिकेट के बारे में सब कुछ जान पाना लगभग नामुमकिन है. ऐसे में क्रिकेट के मैदान पर आए दिन कोई न कोई ऐसा रिकॉर्ड बन ही जाता है जिसे सदियों तक याद रखा जाता है.

मौजूदा खबर अनुसार बता दें कि क्रिकेट के खेल में कई रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं. क्रिकेट के खेल को भारी अनिश्तताओं का खेल कहा जाता है और इस खेल के पीछे पूरी दुनिया दीवानी है. क्रिकेट के खिलाड़ियों को यहां नाम और शोहरत के साथ-साथ बेशुमार दौलत भी कमाने का मौका मिलता है. लेकिन आज हम आपको क्रिकेट के इतिहास की एक ऐसी बाप बेटे की जोड़ी के बारे में बताने जा रहें है जिनके नाम पर एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्रिकेट के मैदान पर हर रोज एक नया रिकॉर्ड बनाता है और क्रिकेट के इतिहास में कई बाप बेटे की जोड़ी मशहूर है लेकिन ये जोड़ी सबसे अलग है. दरसल, आज से 26 साल पहले नवम्बर महीने में दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट इतिहास में पहली बार सफेद गेंद का इस्तेमाल किया गया था और सबसे पहले इस गेंद का सामना अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज़ जिमी कुक ने किया था. जिमी कुक ही पहले बल्लेबाज बने थे जिन्होंने 22 साल पहले लाल गेंद का सामना किया था वह भी नवम्बर महीने में ही था.

क्रिकेट के इतिहास में इस बाप-बेटे के नाम है, कभी न टूटने वाला ये रिकॉर्ड गौरतलब है कि नवंबर 2016 में साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए तीसरे टेस्ट मैच में जिमी कुक के पुत्र स्टेफेन कुक ने भी नवम्बर महीने में गुलाबी गेंद से शुरआत की और पहले अफ्रीकी खिलाड़ी बन गए हैं. जी हाँ इसके पहले दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहले कभी नही हुआ. जिमी कुक ने जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों में बल्लेबाजी की थी और पहली बार ऑस्ट्रेलियाई टीम को व्हाइटवाश किया था. इस पिता पुत्र की जोड़ी ने कमाल ही कर दिया और इसके पहले कभी नही हुआ कि किसी टीम के लिए पिता पुत्र ने एक ही महीने और एक ही समय उसी गेंद से मैच खेला हो.

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बताते चलें कि इस बाप बेटे की जोड़ी के बाद आजकल क्रिकेट जगत में एक और जोड़ी काफी छाई हुई है. वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों शिवनारायण चंद्रपॉल ने प्रथम श्रेणी मुकाबले में अपने बेटे टैग नारायण चंद्रपॉल के साथ मिलकर एक जबरदस्त विश्व रिकॉर्ड बना दिया. इस बाप-बेटा जोड़ी ने एक ही पारी में अर्धशतक बनाकर रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया. जिसके बाद ये दोनों ऐसा करने वाली पहली बाप-बेटा जोड़ी बन गए हैं.

 

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