क्रीमी नाशक दवा खाते ही बीमार हुए केबी सहित 13 बच्चे

बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए विद्यालयों में खिलाई जाने वाली क्रीमी नाशक दवा एलबेंडाजोल के सेवन से शहर के केंद्रीय विद्यालय के 11 व प्राथमिक विद्यालय अतरारमाफ श्रीनगर के दो बच्चे अचेत हो गए। यहां के प्रधानाचार्यों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। सीएमओ ने डाक्टरों की टीम मौके पर भेजी। एंबुलेंस 108 के प्रोजेक्ट मैनेजर ने भी तीन एंबुलेंसों को रवाना किया। इसके बाद सभी बच्चों को अस्पताल लाया गया। यहां उनका बेहतर उपचार हो सका।बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए विद्यालयों में खिलाई जाने वाली क्रीमी नाशक दवा एलबेंडाजोल के सेवन से शहर के केंद्रीय विद्यालय के 11 व प्राथमिक विद्यालय अतरारमाफ श्रीनगर के दो बच्चे अचेत हो गए। यहां के प्रधानाचार्यों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। सीएमओ ने डाक्टरों की टीम मौके पर भेजी। एंबुलेंस 108 के प्रोजेक्ट मैनेजर ने भी तीन एंबुलेंसों को रवाना किया। इसके बाद सभी बच्चों को अस्पताल लाया गया। यहां उनका बेहतर उपचार हो सका।  शहर के अधिकांश विद्यालयों में बच्चों को क्रीमीनाशक दवा खिलाई गई। केंद्रीय विद्यालय व श्रीनगर के प्राथमिक विद्यालय अतरारमाफ में शुक्रवार को बच्चों ने दवा का सेवन किया तो उन्हें चक्कर व उल्टियां आने लगी। दवा खाने से केंद्रीय विद्यालय के ध्रुव (8), मोहिनी (10), अभिनंदन (7), अविरल (7), अंश (8), क्रिश तिवारी (8), पियूष (9), अभिषेक (7), अगन (9), प्रकाश शुक्ला (8), व ¨प्रश कुशवाहा (11) और अतरामाफ के प्राथमिक विद्यालय अतरारमाफ के आकांक्षा (10) व जय¨हद (8) की हालत बिगड़ने लगी तो विद्यालय में मौजूद शिक्षकों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन इसकी सूचना सीएमओ को दी गई तो उन्होंने डा. पीडी अवस्थी के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम मौके पर भेजी। वहां उनकी हालत में सुधार न हुआ तो तीन एंबुलेंसों को भेजा गया। इसके बाद बच्चों को अस्पताल लाया गया जिससे उनकी हालत में सुधार हुआ। 108 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर आकाश तिवारी ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया। जबकि प्राथमिक विद्यालय के दोनों बच्चे वहीं पर सही हो गए थे।    कॉफी में मिलाई नींद की गोली, बेहोश होते मार डाला यह भी पढ़ें ...आंगनबाड़ी केंद्रों व स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से यह दवाएं स्कूलों में पहुंचाई जाती है, जहां शिक्षक उन्हें यह दवाएं खिलाते है। यह संभव नहीं है कि हर विद्यालय में डाक्टर की ड्यूटी लगाई जाए। दवा खिलाने के बाद जिन बच्चों के पेट में क्रीमी होती है उनमें से कुछ को थोड़ी बेचैनी होती है, इसमें कोई गंभीर बात नहीं है।

शहर के अधिकांश विद्यालयों में बच्चों को क्रीमीनाशक दवा खिलाई गई। केंद्रीय विद्यालय व श्रीनगर के प्राथमिक विद्यालय अतरारमाफ में शुक्रवार को बच्चों ने दवा का सेवन किया तो उन्हें चक्कर व उल्टियां आने लगी। दवा खाने से केंद्रीय विद्यालय के ध्रुव (8), मोहिनी (10), अभिनंदन (7), अविरल (7), अंश (8), क्रिश तिवारी (8), पियूष (9), अभिषेक (7), अगन (9), प्रकाश शुक्ला (8), व ¨प्रश कुशवाहा (11) और अतरामाफ के प्राथमिक विद्यालय अतरारमाफ के आकांक्षा (10) व जय¨हद (8) की हालत बिगड़ने लगी तो विद्यालय में मौजूद शिक्षकों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन इसकी सूचना सीएमओ को दी गई तो उन्होंने डा. पीडी अवस्थी के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम मौके पर भेजी। वहां उनकी हालत में सुधार न हुआ तो तीन एंबुलेंसों को भेजा गया। इसके बाद बच्चों को अस्पताल लाया गया जिससे उनकी हालत में सुधार हुआ। 108 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर आकाश तिवारी ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया। जबकि प्राथमिक विद्यालय के दोनों बच्चे वहीं पर सही हो गए थे।

…आंगनबाड़ी केंद्रों व स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से यह दवाएं स्कूलों में पहुंचाई जाती है, जहां शिक्षक उन्हें यह दवाएं खिलाते है। यह संभव नहीं है कि हर विद्यालय में डाक्टर की ड्यूटी लगाई जाए। दवा खिलाने के बाद जिन बच्चों के पेट में क्रीमी होती है उनमें से कुछ को थोड़ी बेचैनी होती है, इसमें कोई गंभीर बात नहीं है।

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