खुफिया रिपोर्ट से खुलासाः लश्कर, हिजबुल और जैश के बीच खिंच गई हैं तलवारें!

खेल के मैदान का पुराना दस्तूर है. जब टीम हारने लगती है तो उंगलियां एक-दूसरे पर उठने लगती हैं. मगर खेल के मैदान का ये दस्तूर पाकिस्तान में आतंक के मैदान में भी देखने को मिल रहा है. भारतीय सेना के ऑपरेशन ऑल आउट ने कश्मीर से आतंकियों को ऐसा रन आउट किया कि उनके आकाओं के मंसूबे चक्नाचूर हो गए. बेचैनी तो लाज़मी है. मगर इस बेचैनी में पाकिस्तान के दो सबसे बड़े आतंकी सरगना हाफिज़ सईद और सैय्यद सलाहुद्दीन आपस में ही लड़ पड़े हैं. आलम ये है कि दोनों एक दूसरे की जड़ें काटने में लग गए हैं.खुफिया रिपोर्ट से खुलासाः लश्कर, हिजबुल और जैश के बीच खिंच गई हैं तलवारें!

ऑपरेशन ऑल आउट से घबराए आतंकी

जो सरहद से देश में घुसने की कोशिश कर रहे थे उन्हें, जो कश्मीर में पनाह लिए हुए थे उन्हें, और जो घाटी को दहलाने की जुगत में थे उन्हें भी सेना ने चुनचुनकर मारा. ऑपरेशन ऑल आउट के तहत अब तक 230 से ज्यादा आतंकियों को मारा जा चुका है. लिहाज़ा आतंक की दुनिया में बौखलाहट का आलम अब ये है कि जिहाद के ठेकेदार एक दूसरे से भिड़ गए हैं.

ख़ुफ़िया एजेंसी की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा

ख़बर ये है कि आतंकी संगठन लश्कर, हिजबुल और जैश में आपसी जंग छिड़ गई है. जिसके चलते सलाहुद्दीन को जेहाद काउंसिल से हटाने की साज़िश रची जा रही है. आजतक को मिली एक्सक्लूसिव खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक यूनाइटेड जेहाद काउन्सिल के चीफ के पद को लेकर पाकिस्तान के तीन तीन बड़े आतंकी संगठन आपस में भिड़ गए हैं. इस टसल में हाफिज़ सईद और मौलाना मसूद अज़हर मिलकर यूनाइटेड जिहाद काउंसिल के चीफ बने बैठे हिजबुल मुजाहिदीन के सैयद सलाहुद्दीन को हटाने पर तुले हैं.

क्या है यूनाइटेड जिहाद काउंसिल

आतंक के ये ठेकेदार आपस में क्यों भिड़े हुए हैं, उसके जानने से पहले ये जानना ज़रूरी है कि आखिर ये यूनाइटेड जिहाद काउंसिल है क्या. दरअसल यूनाइटेड जिहाद काउंसिल उन आतंकी तंजीमों को मिलाकर बना है जिनका सिर्फ एक ही मक़सद है. कश्मीर में आतंक फैलाना. ये अलग अलग संगठन अनगाइडेड मिसाइल की तरह बिना मकसद के यहां वहां फटे इसलिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआईएस के इशारे पर इन्हें मिलाकर एक काउंसिल बना लिया गया है. जिसे आईएसआई अपने तरीके से घाटी में अशांति फैलाने के लिए इस्तेमाल करता है.

अब आइये उस टसल पर जो पूरी दुनिया के लिए चर्चा का सबब और भारत के लिए राहत कि खबर है. आईएसआई के इशारे पर इस जिहाद काउंसिल का चीफ हिजबुल मुजाहिदीन के सैयद सलाहुद्दीन को बनाया गया था. मगर जिस तरह पिछले साल भारतीय सेना ने ऑपरेशन ऑल आउट के तहत पाकिस्तान के करीब 230 आतंकियों को कोई भी हलचल करने से पहले ही ढेर कर दिया. उससे इस काउंसिल में सिर फुटव्वल शुरू हो गई है.

आईएसआई की चाल तो नहीं

कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए हाफ़िज़ सईद और मसूद अज़हर ने ISI की शह पर सैयद सलाहुद्दीन को यूनाइटेड जेहाद काउन्सिल का चीफ बनाया था. मगर अब यही दोनो आतंकी सलाहुद्दीन को हटाने की साजिश कर रहे हैं. अगर ऐसा है तो इसे भारतीय सेना की कामयाबी माना जाएगा. हालांकि जानकार मार रहे हैं कि ये पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की चाल भी हो सकती है. तो ऐसे में ये समझना होगा कि फिर उसका अगला प्लान है क्या.

सलाहुद्दीन को हटाने की सिफारिश

MAC यानी मल्टी एजेंसी सेंटर और इंटेलीजेंस विंग की रिपोर्ट के मुताबिक हाफ़िज़ सईद और मौलाना मसूद अज़हर ने हिजबुल के सरगना सैयद सलाहुद्दीन को हटाने के लिए आईएसआई से सिफारिश की है. ख़बर है कि इस सिफारिश के बाद आईएसआई हिजबुल मुजाहिदीन के बड़े कमांडर अमीर खान या इम्तियाज़ खान को हिजबुल का चीफ़ बनना चाहता है.

सलाहुद्दीन को सता रहा है डर

हालांकि ऐसी नौबत आने से पहले ही ख़बर है कि हिजबुल के चीफ सैयद सलाहुद्दीन ने डर कर खुद ही इस्तीफे की पेशकश की है. क्योंकि उसे डर है कि अगर उसने ऐसा नहीं किया तो उसे कैसे भी नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं. खबर है कि यूं भी भारतीय सेना के ऑपरेशन ऑल आउट के बाद दूसरे आतंकी संगठन ने सलाहुद्दीन के ऑर्डर को मानना छोड़ दिया है. और तो और खबर ये है कि खुद आईएसआई ने भी उसे रिजेक्ट कर दिया है.

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