गुजरात में एंट्री से पहले ही कमजोर पड़ा ‘ओखी’, चुनाव प्रचार पर भी पड़ा असर

गुजरात में चुनावी तूफान के बीच आए ‘ओखी’ तूफान की एंट्री में पूरे राज्य में दहशत का माहौल बना दिया है. तूफान से ना सिर्फ आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि चुनाव प्रचार पर भी असर पड़ा है. हालांकि, सूरत पहुंचने से पहले ही तूफान समुंदर में समा गया और अधिक नुकसान होने की आशंका भी टल गई.गुजरात में एंट्री से पहले ही कमजोर पड़ा 'ओखी', चुनाव प्रचार पर भी पड़ा असरसीडी कांड से मज़बूत हुए हार्दिक पटेल के इरादे….

तूफान के कारण कई बड़े दिग्गज नेताओं को अपने कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा है. भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, राजस्थान सीएम वसुंधरा राजे, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की रैलियां रद्द हुई हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुधवार को होने वाली रैलियों के भी समय में बदलाव किया गया है. 

मौसम विभाग की मानें, तो बुधवार को गुजरात के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है. इनमें सूरत, नवसारी, वलसाड, भरूच, तापी, अमरेली, दीव, दमन समेत दक्षिण गुजरात के इलाके शामिल हैं. गुजरात के अलावा महाराष्ट्र में भी ठाणे, रायगढ़, ग्रेटर मुंबई समेत कुछ इलाकों में भी बारिश हो सकती है.

उत्तर भारत में भी बदला मौसम

साइक्लोन ओखी के चलते उत्तर भारत में भी मौसम बदल चुका है. गुजरात से आए बादलों ने राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली एनसीआर में मौसम बदल दिया है. हरियाणा और उत्तराखंड में कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई है.

मौसम विभाग के डायरेक्टर कुलदीप श्रीवास्तव के मुताबिक राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों में अगले 24 घंटों के अंदर हल्की-फुल्की बारिश की संभावना है. इससे ठंड और बढ़ेगी. इस हल्की बारिश से दिल्ली एनसीआर के तमाम इलाकों को वायु प्रदूषण से निजात मिलने की संभावना भी जताई जा रही है.

रूपाणी ने की बैठक

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मंगलवार को ओखी से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बैठक की. इस दौरान तमाम अधिकारी मौजूद रहे. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने ओखी चक्रवात के खतरे को लेकर गुजरात और महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्रियों से बातचीत की. साथ ही सभी तरह की जरूरी मदद का आश्वासन दिया.

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