गूगल ब्वॉय और वंडर गर्ल ने बच्चों को किया मोटि‍वेट, जानिए क्‍या बोले

असफलता जिंदगी की दौड़ का एक हिस्सा है। इससे किसी के काबिलियत के मायने नहीं पता चलते। दुनिया में कई ऐसे सफल शख्स हैं, जिन्होंने जिंदगी में लंबे दौर तक असफलता का सामना किया है। आज अभिभावक बच्चों की मार्कशीट पर ज्यादा ध्यान देते हैं। इसी दबाव में बचपन कहीं खो रहा है। यह कहना है गूगल ब्वॉय कौटिल्य और बीबीसी के प्रोग्राम से चर्चा में आई जाह्नवी का।सरोजनी नायडू से प्रभावित हैं जाह्नवी  14 वर्षीय जाह्नवी पानीपत के शहरमालपुर गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता सतीश शर्मा सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं। वह अभी बीए द्वितीय वर्ष में हैं और वह विभिन्न इंग्लिश न्यूज एंकर ही हूबहू कॉपी कर फेमस होने के बाद बीबीसी के स्पेशल प्रोग्राम में शामिल हो चुकी हैं। जाह्नवी करीब 12 विदेशी एक्सेंट में अंग्रेजी बोल सकती हैं। उन्होंने बताया कि छोटी उम्र में सरोजनी नायडू के बारे में पढ़ा था। जिससे वह बहुत प्रभावित हुई। वह आगे चलकर प्रतिष्ठित अंग्रेजी चैनल की एक सफल एंकर बनना चाहती हैं। इसके अलावा यूपीएससी की परीक्षा में सफल होना भी उनका सपना है। उन्हें अंग्रेजी और फ्रेंच गीत काफी पसंद हैं।

रविवार को परेड ग्राउंड में सागू ड्रीमलैंड कंपनी की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में कौटिल्य और जाह्नवी पत्रकारों से रूबरू हुए। वे फन कार्निवाल के एक कार्यक्रम में बच्चों को मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में संबोधित करने दून पहुंचे थे। कौटिल्य ने बताया कि किसी विषय को समझने पर ध्यान दिया जाए तो चीजें अपने आप सरल हो जाती हैं। अपनी रुचि के हिसाब से ही आगे बढ़ें।

वहीं, वंडर गर्ल के नाम से मशहूर जाह्नवी ने बताया कि बच्चों और अभिभावकों के बीच आपसी समझ जरूरी है। इसी से पढ़ाई के बोझ और अच्छे नंबर लाने के दबाव से बचा जा सकता है। बताया कि अपने अंग्रेजी ज्ञान को निखारने के लिए पहले वह विभिन्न कॉल सेंटरों में फोन कर बातचीत किया करतीं थीं। इस मौके पर कार्निवाल के आयोजक जितेंद्र राठी ने बताया कि कार्निवाल में रोजाना सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान कौटिल्य की मा सुमिता शर्मा, बहन दीक्षा, जाह्नवी के पिता बृजमोहन मौजूद रहे।

अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना चाहते हैं कौटिल्य

हरियाणा के कोहन गांव के कौटिल्य शर्मा वर्तमान में गुरुग्राम के जीडी गोयनका व‌र्ल्ड स्कूल में पढ़ते हैं। वह अगले साल कैंब्रिज के आइजीसीएसई बोर्ड की दसवीं की परीक्षा देंगे। अपनी अचूक याददाश्त के कारण उन्हें गूगल ब्वाय नाम दिया गया है। वह अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनकर मानव सेवा करना चाहते हैं। वे अपना रोल मॉडल डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को मानते हैं। पढ़ाई के साथ ही वे क्रिकेट, फुटबॉल, डांसिंग, स्वीमिंग में भी रुचि रखते हैं।

सरोजनी नायडू से प्रभावित हैं जाह्नवी

14 वर्षीय जाह्नवी पानीपत के शहरमालपुर गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता सतीश शर्मा सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं। वह अभी बीए द्वितीय वर्ष में हैं और वह विभिन्न इंग्लिश न्यूज एंकर ही हूबहू कॉपी कर फेमस होने के बाद बीबीसी के स्पेशल प्रोग्राम में शामिल हो चुकी हैं। जाह्नवी करीब 12 विदेशी एक्सेंट में अंग्रेजी बोल सकती हैं। उन्होंने बताया कि छोटी उम्र में सरोजनी नायडू के बारे में पढ़ा था। जिससे वह बहुत प्रभावित हुई। वह आगे चलकर प्रतिष्ठित अंग्रेजी चैनल की एक सफल एंकर बनना चाहती हैं। इसके अलावा यूपीएससी की परीक्षा में सफल होना भी उनका सपना है। उन्हें अंग्रेजी और फ्रेंच गीत काफी पसंद हैं।

 
 

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