गैस उपभोक्ताओं को बीमा लाभ मिलने का ये है नियम, पता है आपको…

एलपीजी कनेक्शन जांच करने के लिए संबंधित गैस कंपनी समय-समय पर चैकिंग टीम को जांच के लिए भेजकर सिलेंडर, पाइप, रेगुलेटर, चूल्हा आदि की जांच करती है। इसके बाद इसका रिकार्ड गैस एजेंसी के रिकार्ड में सेव कर लिया जाता है।एलपीजी कनेक्शन जांच करने के लिए संबंधित गैस कंपनी समय-समय पर चैकिंग टीम को जांच के लिए भेजकर सिलेंडर, पाइप, रेगुलेटर, चूल्हा आदि की जांच करती है। इसके बाद इसका रिकार्ड गैस एजेंसी के रिकार्ड में सेव कर लिया जाता है।   ज्यादातर उपभोक्ता ये नहीं जानते कि कनेक्शन की नियमित जांच न करवाना किसी हादसे के बाद गैस कनेक्शन पर मिलने वाले बीमा लाभ से वंचित कर सकता है। जी हां, अगर रिकार्ड में कनेक्शन की जांच ओके है तो ही बीमा कंपनी क्लेम को स्वीकृति देती है और आपात स्थित में संबंधित परिवार को बीमा राशि का लाभ मिल सकता है।  यह हैं जांच के नियम  गैस एजेंसी हर दो साल की अविधि पर कनैक्शन की जांच करती है। कनेक्शन जांच के समय गैस बर्नर के मुताबिक फीस भई ली जाती है। एक बर्नर वाले चूल्हे के लिए 100 रूपये, दो बर्नर के लिए 150 रूपये, तीन बर्नर के लिए 200 और चार बर्नर वाले चूल्हे के लिए 250 रूपये फीस लेकर इसकी रसीद ग्राहक को दी जाती है। अलग अलग गैस कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक किसी भी खराबी की सूरत में गैस एजेंसी को सूचना देकर इसकी जांच करवा लेनी चाहिए। जांच रिपोर्ट ओके होने पर ही गैस चूल्हे का इस्तेमाल करना चाहिए।

ज्यादातर उपभोक्ता ये नहीं जानते कि कनेक्शन की नियमित जांच न करवाना किसी हादसे के बाद गैस कनेक्शन पर मिलने वाले बीमा लाभ से वंचित कर सकता है। जी हां, अगर रिकार्ड में कनेक्शन की जांच ओके है तो ही बीमा कंपनी क्लेम को स्वीकृति देती है और आपात स्थित में संबंधित परिवार को बीमा राशि का लाभ मिल सकता है।

यह हैं जांच के नियम

गैस एजेंसी हर दो साल की अविधि पर कनैक्शन की जांच करती है। कनेक्शन जांच के समय गैस बर्नर के मुताबिक फीस भई ली जाती है। एक बर्नर वाले चूल्हे के लिए 100 रूपये, दो बर्नर के लिए 150 रूपये, तीन बर्नर के लिए 200 और चार बर्नर वाले चूल्हे के लिए 250 रूपये फीस लेकर इसकी रसीद ग्राहक को दी जाती है। अलग अलग गैस कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक किसी भी खराबी की सूरत में गैस एजेंसी को सूचना देकर इसकी जांच करवा लेनी चाहिए। जांच रिपोर्ट ओके होने पर ही गैस चूल्हे का इस्तेमाल करना चाहिए।

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