गोल्फ का चमकता सितारा अर्जुन

 होनहार खिलाडियों की प्रतिभा कभी छुपती नहीं है.वह मौका मिलने पर उभर ही आती है. ऐसा ही दादरी के मायचा गांव के 13 वर्षीय अर्जुन के साथ भी हुआ जो गोल्फ की दुनिया में चमकते सितारे बन कर उभर रहे हैं.अर्जुन ने लगातार तीन गोल्फ प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन न केवल अपनी श्रेणी में सुधार किया बल्कि बी-श्रेणी में पहले पायदान पर भी पहुँच गएग्रेटर नोएडा : होनहार खिलाडियों की प्रतिभा कभी छुपती नहीं है.वह मौका मिलने पर उभर ही आती है. ऐसा ही दादरी के मायचा गांव के 13 वर्षीय अर्जुन के साथ भी हुआ जो गोल्फ की दुनिया में चमकते सितारे बन कर उभर रहे हैं.अर्जुन ने लगातार तीन गोल्फ प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन न केवल अपनी श्रेणी में सुधार किया बल्कि बी-श्रेणी में पहले पायदान पर भी पहुँच गए.  बता दें कि अर्जुन अब तक करीब 147 गोल्फ प्रतियोगिता में शामिल हो चुका है .पिछले दिनों इंडियन गोल्फ यूनियन द्वारा आयोजित जूनियर गोल्फ चैंपियनशिप में अर्जुन ने गुरुग्राम, अहमदाबाद व पुणे में लगातार बेहतर अंकों के साथ जीत हासिल कर बी श्रेणी के पहले नंबर के खिलाड़ी बन गए.अर्जुन ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने कोच मोनिस बिंद्रा,पिता बॉबी भाटी व मां डॉली को दिया .  उल्लेखनीय है कि अर्जुन की इस उपलब्धि पर उसके कोच मोनिस बिंद्रा ने कहा कि वह प्रतिभाशाली खिलाड़ी है .उसे इस प्रतियोगिता के लिए डेढ़ माह का समय मिला जो सही साबित हुआ .प्रतियोगिता से पहले करीब बीस दिन का समय एक खिलाड़ी के लिए पर्याप्त होता है.जबकि अर्जुन ने इस प्रतियोगिता के लिए करीब तीन माह पहले अन्य प्रतियोगिता से पूरी तरह दूर रहकर सिर्फ अपने खेल और फिटनेस पर पूरी तरह ध्यान दिया , जिसका नतीजा सबके सामने है . उसे अपनी मेहनत का प्रतिफल मिला है..

बता दें कि अर्जुन अब तक करीब 147 गोल्फ प्रतियोगिता में शामिल हो चुका है .पिछले दिनों इंडियन गोल्फ यूनियन द्वारा आयोजित जूनियर गोल्फ चैंपियनशिप में अर्जुन ने गुरुग्राम, अहमदाबाद व पुणे में लगातार बेहतर अंकों के साथ जीत हासिल कर बी श्रेणी के पहले नंबर के खिलाड़ी बन गए.अर्जुन ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने कोच मोनिस बिंद्रा,पिता बॉबी भाटी व मां डॉली को दिया .

उल्लेखनीय है कि अर्जुन की इस उपलब्धि पर उसके कोच मोनिस बिंद्रा ने कहा कि वह प्रतिभाशाली खिलाड़ी है .उसे इस प्रतियोगिता के लिए डेढ़ माह का समय मिला जो सही साबित हुआ .प्रतियोगिता से पहले करीब बीस दिन का समय एक खिलाड़ी के लिए पर्याप्त होता है.जबकि अर्जुन ने इस प्रतियोगिता के लिए करीब तीन माह पहले अन्य प्रतियोगिता से पूरी तरह दूर रहकर सिर्फ अपने खेल और फिटनेस पर पूरी तरह ध्यान दिया , जिसका नतीजा सबके सामने है . उसे अपनी मेहनत का प्रतिफल मिला है.

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