ग्रे लिस्‍ट से बौखलाए पाक ने इन आतंकियों को दी मौत

पिछले दिनों फाइनेंशियल एक्‍शन एंड टास्‍क फोर्स ने पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में शामिल किया है. जिसके बाद पाक बौखला गया है. पाकिस्‍तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने सोमवार को 12 खतरनाक आतंकियों के लिए मौत की सजा को मंजूरी दी है. यह सभी आतंकी देश में हुई अलग-अलग आतंकी घटनाओं में शामिल हैं. एक आधिकारिक रिपोर्ट्स में इस बात की पुष्टि की जा चुकी है.पिछले दिनों फाइनेंशियल एक्‍शन एंड टास्‍क फोर्स ने पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में शामिल किया है. जिसके बाद पाक बौखला गया है. पाकिस्‍तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने सोमवार को 12 खतरनाक आतंकियों के लिए मौत की सजा को मंजूरी दी है. यह सभी आतंकी देश में हुई अलग-अलग आतंकी घटनाओं में शामिल हैं. एक आधिकारिक रिपोर्ट्स में इस बात की पुष्टि की जा चुकी है.     जानकारी के मुताबिक पाकिस्‍तान सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशंस ,आईएसपीआर की तरफ से एक बयान दिया गया है. आईएसपीआर ने अपने इस बयान में कहा है कि  पाक सेना के जनरल बाजवा ने छह और आतंकियों की सजा को मंजूरी दी है जिन्‍होंने देश में कानून व्‍यवस्‍था को अपने हाथ में लेने का काम किया है. बाजवा द्वारा जिन आतंकियों को मौत की सजा सुनाई गई है उन पर सेनाओं के अलावा नागरिकों और एजेंसियों को मारने का आरोप है.      इसके अलावा ये आतंकी खैबर पख्‍तूनख्‍वा प्रांत के प्रराचिनार जिले में स्थित एक शिया मस्जिद पर हमले में भी शामिल थे. इन हमलों में आठ सैनिकों समेत 26 नागरिकों की मौत हो गई थी और इसमें 133 लोग घायल भी हुए थे. दोषियों को सेना प्रमुख की ओर से मौत की सजा को दी गई मंजूरी से पहले मिलिट्री कोर्ट में पेश किया गया था. पाकिस्‍तान में मिलिट्री कोर्ट्स की शुरुआत दिसंबर 2014 में पेशावर स्थिम आर्मी स्‍कूल पर आतंकी हमले के बाद से हुई है.

जानकारी के मुताबिक पाकिस्‍तान सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशंस ,आईएसपीआर की तरफ से एक बयान दिया गया है. आईएसपीआर ने अपने इस बयान में कहा है कि  पाक सेना के जनरल बाजवा ने छह और आतंकियों की सजा को मंजूरी दी है जिन्‍होंने देश में कानून व्‍यवस्‍था को अपने हाथ में लेने का काम किया है. बाजवा द्वारा जिन आतंकियों को मौत की सजा सुनाई गई है उन पर सेनाओं के अलावा नागरिकों और एजेंसियों को मारने का आरोप है. 

इसके अलावा ये आतंकी खैबर पख्‍तूनख्‍वा प्रांत के प्रराचिनार जिले में स्थित एक शिया मस्जिद पर हमले में भी शामिल थे. इन हमलों में आठ सैनिकों समेत 26 नागरिकों की मौत हो गई थी और इसमें 133 लोग घायल भी हुए थे. दोषियों को सेना प्रमुख की ओर से मौत की सजा को दी गई मंजूरी से पहले मिलिट्री कोर्ट में पेश किया गया था. पाकिस्‍तान में मिलिट्री कोर्ट्स की शुरुआत दिसंबर 2014 में पेशावर स्थिम आर्मी स्‍कूल पर आतंकी हमले के बाद से हुई है.

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