बस घर के प्रवेश द्वार पर रखें इन चीजों को, होगी दिन दुगनी, रात चौगुनी

प्रवेश द्वार भवन का अहम भाग होता है। कहते हैं कि आरंभ अच्छा तो अंत अच्छा। प्रवेश द्वार अगर वास्तु नियमों के अनुसार बनाया जाए तो वह उस घर में निवास करने वालों के लिए खुशियों को आमंत्रित करता है।

बस घर के प्रवेश द्वार पर रखें इन चीजों को, होगी दिन दुगनी, रात चौगुनी

यही नहीं, प्रवेश द्वार से हमें भवन के आंतरिक सौष्ठव और साज-सज्जा का अंदाजा भी हो जाता है। अगर घर का प्रवेश दृार साफ और सुंदर है, तो घर में सुख और संब्रद्धि आती है।

आज हम आपको बताएंगे कि अपने प्रवेश दृार को किस तरह से सजाएं कि वहां का वास्‍तु बिल्‍कुल ठीक हो जाए और घर में दिन दुगनी, रात चौगुनी हो।

1. काँच का बर्तन
द्वार पर पानी से भरा काँच का बर्तन रखें जिसमें ताज़े खशबू वाले फूल रखें। इससे घर में सकारात्मकता आएगी।

2. माला
एक माला बनायें यह पीपल, आम या अशोक के पत्तों की हो सकती है इसे प्रवेश द्वार पर बांधें। इससे नकारात्मकता दूर होती है। जब यह पत्तियां सुख जाएँ तो इन्हें बदल दें।


6. स्वस्तिक

घर के प्रवेश द्वार पर स्वस्तिक बनाने से घर में सौभाग्य और समृद्धि आती है। अब जानते हैं कुछ अन्य चीज़ों के बारे में जो आपको अपने मुख्य द्वार का निर्माण करते वक़्त ध्यान रखनी हैं

7. बड़ा दरवाज़ा
अपने घर के मुख्य दरवाजे को घर के अन्य दरवाज़ों से बड़ा रखें।

9. अच्छी क्वालिटी
घर के मुख्य द्वार के लिए अच्छी क्वालिटी की लकड़ी का उपयोग करना चाहिए। ख़राब क्वालिटी की लकड़ी से घर का वास्तु बिगड़ सकता है।

10. शोर मुक्त

ध्यान रहे की घर के दरवाज़े जब खोलें जाएँ तो उसमें आवाज़ ना हों क्योंकि इससे घर में नकारात्मकता आती है।

11. अच्छी रौशनी हो
आपके घर के प्रवेश द्वार पर हमेशा अच्छी रौशनी होनी चाहिए। इससे लोग आपके घर के प्रवेश द्वार को अच्छे से देख सकते हैं इसलिए अपने प्रवेश द्वार पर कुछ चमकदार रोशनी लगाएं।

15. जमीन के स्तर से ऊपर
अपने मुख्य द्वार को ज़मीन से ऊंचाई पर रखें और ध्यान रहें कि सीढियों की संख्या ऑड हो।16. दो दरवाजे
अगर आपके घर में जगह हो तो अपने घर में दो दरवाजे लगाएं एक अंदर आने के लिए और दूसरा बाहर जाने के लिए।

17. छोटे दरवाज़े से बहार जाएँ

इसमें एक बात और ध्यान देने वाली है कि मुख्य द्वार से बाहर जाने वाला दरवाज़ा थोड़ा छोटा होना चाहिए।

18. दरवाज़ों की संख्या
एक बात और ध्यान में रखने वाली है कि आपके के घर में जितने भी दरवाज़े या खिड़कियां हैं उनकी संख्या इवन होनी चाहिए (जैसे 2,4,6)। इसके अलावा संख्या कभी भी शून्य में खत्म नहीं होना चाहिए, जैसे कि 10, 20 इत्यादि।

You May Also Like

English News