चंडीगढ़ः फैकट्री में लगी आग, दम घुटने से महिला वर्कर्स बेहोश

इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 के प्लॉट नंबर 345 देव दर्शन धूप की फैक्टरी में शुक्रवार दोपहर भीषण आग लग गई। ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण चंद सेकेंड में आग की लपटों ने पूरी फैक्टरी को चपेट में ले लिया। धुएं और घबराहट के कारण वहां काम कर रहे 28 कर्मचारियों की तबीयत खराब हो गई। इनमें 25 महिलाएं थी, जबकि तीन युवक। इनमें से कई लोगों को बेहोशी की हालत में सेक्टर 32 अस्पताल में पहुंचाए गए। मेडिकल कालेज की ओर से बताया गया है कि सभी लोग खतरे से बाहर हैं। रात नौ बजे के बाद कई लोगों को छुट्टी दे दी गई।चंडीगढ़ः फैकट्री में लगी आग, दम घुटने से महिला वर्कर्स बेहोशअभी-अभी: दिल्ली सरकार ने मेट्रो किराया बढ़ोतरी पर DMRC को दी चेतावनी

ऐसे लगी आग
बताया गया कि दोपहर करीब 12 बजे फैक्टरी में कर्मचारी बिजली का काम कर रहे थे। नीचे धूपबत्ती में इस्तेमाल होने वाला सेंट व अन्य ज्वलनशील पदार्थ फैला हुआ था। अचानक से तारों में स्पार्किंग हुई और उसकी चिंगारी ज्वलनशील पदार्थ में जा गिरी। इतना होते ही आग के गुब्बार फूट पड़े। चंद सेकेंड में ही आग की लपटे उठने लगीं। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। आगे जो बैठे वे किसी से बाहर निकल गए थे।

दूसरी फैक्टरी की दीवार तोड़कर निकाला लड़कियों को
आग लगने के बाद जो लड़कियां फैक्टरी के पीछे वाले कमरे में फंस गई थीं, उन्हें निकालने के लिए कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ कर्मचारी छत से दूसरी फैक्टरी में पहुंचे और वहां से दीवार तोड़कर देव दर्शन धूप की फैक्टरी में दाखिल हुए और वहां से महिला कर्मचारियों को निकाला गया। सभी महिला कर्मचारियों की उम्र 20-40 साल थी और सभी बेहोशी की हालत में थीं। किसी को सास लेने में दिक्कत थी तो किसी के सीने में दर्द था। घटना स्थल पर एरिया एसएचओ जसविंदर कौर और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची।

फैक्टरी में दिखी खामियां

नहीं चले अग्निशमन यंत्र
आग पर कंट्रोल पाने के लिए फैक्टरी में अग्निशमन यंत्र मौजूद थे। कर्मचारियों ने उन्हें रोकने के लिए अग्निशमन यंत्र को चलाए लेकिन वह चल नहीं पाए। इससे हालात और बेकाबू हो गए। आग को कंट्रोल कर पाना मुश्किल हो गया। आग न बुझने पर कर्मचारी भी फैक्टरी से बाहर निकल आए।

धुएं से दूर तक लोग परेशान हुए
आग के बाद फैले धुएं से दूर तक लोगों को परेशानी हुई। अफरा-तफरी का माहौल भी बना गया। चंडीगढ़ फर्नीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष शीश पाल गर्ग ने बताया कि धुएं से उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई। ऐसा महसूस हुआ कि किसी ने मच्छर मारने वाली गैस डाली हो। बाद में पता चला कि फैक्टरी में आग लगी है। ट्रेडर संदीप गर्ग ने बताया कि कुछ देर के लिए परेशानी हो गई लेकिन धीरे धीरे हालत सामन्य हो गया तब राहत मिली।

फैक्टरी में दिखी खामियां
1.फैक्टरी में इमरजेंसी गेट नहीं था।
2.अंदर अतिक्रमण था।
3.फैक्टरी कर्मियों के पास सेफ्टी उपकरण नहीं थे
4.ज्वलनशील पदार्थ को बिना सुरक्षा के रखा गया
5.फायर उपकरण नहीं चले।
6.18 साल के कम उम्र के लोग भी काम कर रहे थे

जब आग लगी थी, तब मैं फैक्टरी से बाहर था। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गया हूं। आग कैसे लगी इसका पता लगाया जा रहा है। कोई हताहत नहीं हुआ है। – प्रदीप जैन, फैक्टरी मालिक 

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