चाय वाले की बेटी को 4 करोड़ की स्कॉलरशिप, पढ़ाई के लिए जाएगी अमेरिका

अगर आपके इरादे मजबूत हों और बड़े सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करना चाहते हैं तो सफलता जरूर मिलती है। दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले की 17 वर्षीय छात्रा सुदीक्षा भाटी ने अपने मजबूत इरादे से अपना सपना सच कर दिखाया है। बेहद पिछड़े ग्रामीण इलाके से ताल्लुक रखने वाली सुदीक्षा भाटी को अमेरिका में पढ़ाई के लिए 3.8 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली है।उन्होंने कहा कि सुदीक्षा ने गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर इतनी बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है, इससे ग्रामीण क्षेत्र की अन्य लड़कियों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद भी जितेंद्र भाटी ने बेटी को पढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। सुदीक्षा भाटी का उत्साह वर्धन करते हुए विधायक ने कहा कि सुदीक्षा जैसी बेटी समाज का गौरव है, समाज को ऐसी होनहार बेटी से सीख लेनी चाहिए।

पिता चलाते हैं ढाबा, मुश्किल से होता है परिवार का गुजारा

बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली सुदीक्षा भाटी के पिता धूम मानिकपुर गांव में ही चाय की दुकान लगाते हैं, वैसे कुलमिलाकर यह ढाबा है। परिवार की गरीबी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2009 में हालात ऐसे बन गए थे, जब होनहार सुदीक्षा को पढ़ाई छोड़ने तक की नौबत आ गई थी। बावजूद इसके सुदीक्षा ने हार नहीं मानी और आखिरकार अपना लक्ष्य पा ही लिया। सुदीक्षा के साथ 24 अन्य भारतीय छात्रों का भी इसमें चयन हो चुका है।

यहां पर बता दें कि दादरी के धूम मानिकपुर गांव की रहने वाली छात्रा सुदीक्षा भाटी को अमेरिका के प्रसिद्ध बॉबसन कॉलेज ने तकरीबन 3.8 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी है। 

बचपन से होशियार थी बेटी 

गांव में ही ढाबा चलाने वाले पिता जितेंद्र भाटी बेहद कम पढ़े-लिखे हैं व सुदीक्षा की मां गीता भाटी घरेलू महिला (हाउस वाइफ) हैं। पिता का कहना है कि बेटी सुदीक्षा बचपन से ही पढ़ने में काफी होशियार हैं। हालांकि, उसे बहुत सी दिक्कतों का भी सामने करना पड़ा। उसने अभाव में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी, हर स्थिति का सामना किया।

सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में जिला टॉप किया, 98 फीसद अंक किए हासिल

बता दें कि शिव नाडर फाउंडेशन द्वारा बुलंदशहर में विद्याज्ञान लीडरशिप एकेडमी का संचालन किया जाता है, जहां गरीब परिवार के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है। वर्ष 2011 में सुदीक्षा का चयन वहां के लिए हुआ था। हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12 की परीक्षा के परिणाम में सुदीक्षा ने 98 फीसद अंक हासिल किए थे। इसके साथ उसने जिला टॉप भी किया था। सिकंदराबाद के दुल्हेरा गांव के विद्या ज्ञान स्कूल की छात्रा सुदीक्षा 12वीं में अंग्रेजी विषय में 95, इतिहास में 100, राजनीति विज्ञान में 96, भूगोल में 99, अर्थशास्त्र में 100 अंक हासिल किए हैं।

सपना हो गया सचः सुदीक्षा

स्कूल की तरफ से स्कॉलरशिप के लिए अमेरिका में आवेदन किया गया था। जहां से स्कॉलरशिप दी गई है। सुदीक्षा का कहना है उनका सपना सच हो गया। कोर्स करने के लिए वह अगस्त में अमेरिका रवाना होंगी। इतनी बड़ी स्कॉलरशिप मिलने से सुदीक्षा के परिवार व गांव के लोगों में खुशी है।

सरकारी स्कूल से की पढ़ाई, अभाव में भी नहीं मानी हार

सुदीक्षा ने पांचवीं तक की पढ़ाई गांव के ही प्राइमरी स्कूल से की है। पढ़ाई में अच्छी होने के चलते उसने पिता जितेंद्र को जवाहर नवोदय विद्यालय और विद्याज्ञान लीडरशिप एकेडमी के लिए तैयारी करने को राजी किया। इसके बाद प्रवेश परीक्षा दी और फिर चयनित होकर विज्ञान लीडरशिप एकेडमी में 12वीं तक की पढ़ाई मुफ्त में की।यहां पर बता दें कि विद्याज्ञान लीडरशिप एकेडमी शिव नाडर फाउंडेशन द्वारा संचालित की जाती है। यह फाउंडेशन उत्तर प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को स्कॉलरशिप मुहैया कराता है। 

वहीं, सुदीक्षा भाटी को अमेरिका के बॉबसन कॉलेज से 3.8 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिलने की खबर मिलते ही बुधवार को दादरी के विधायक तेजपाल नागर ने उनेक घर पहुंचकर सुदीक्षा को बधाई दी। तेजपाल नागर ने कहा कि ढाबा चलाने वाले की बेटी ने अपनी मेहनत व विलक्षण प्रतिभा के बल पर अमेरिका में स्कॉलरशिप जीतकर माता-पिता व गांव का नाम रोशन किया है। 

उन्होंने कहा कि सुदीक्षा ने गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर इतनी बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है, इससे ग्रामीण क्षेत्र की अन्य लड़कियों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद भी जितेंद्र भाटी ने बेटी को पढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। सुदीक्षा भाटी का उत्साह वर्धन करते हुए विधायक ने कहा कि सुदीक्षा जैसी बेटी समाज का गौरव है, समाज को ऐसी होनहार बेटी से सीख लेनी चाहिए।

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