चारा घोटाला: आज नहीं हो पाई लालू समेत 16 आरोपियों पर सुनवाई, कल आयेगा फैसला

चारा घोटाला मामले में लालू यादव समेत 16 आरोपियों के खिलाफ स्पेशल सीबीआई कोर्ट में आज सुनवाई नहीं हो पाई। कोर्ट ने एडवोकेट बिंदेश्वरी प्रसाद के निधन की वजह से मामले की सुनवाई कल (4 जनवरी) तक के लिए टाल दी। अब इस मामले में गुरुवार को सुनवाई होगी।चारा घोटाला: आज नहीं हो पाई लालू समेत 16 आरोपियों पर सुनवाई, कल आयेगा फैसला

आपको बता दें कि सुबह करीब 10 बजकर 35 मिनट पर लालू यादव बिरसा मुंडा जेल से रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट के लिए रवाना हुए थे। कल सुनवाई के ऐलान  के बाद वह वापस बिरसा मुंडा जेल चले गए।

गौरतलब है कि 23 दिसंबर को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने लालू यादव समेत 16 आरोपियों को चारा घोटाले से जुड़े कोषागार 89 लाख, 27 हजार रुपए की अवैध निकासी के मामले में दोषी ठहराया था। 

जब यह घोटाला हुआ तब लालू बिहार के मुख्यमंत्री थे और पशुपालन विभाग उनके पास ही था। यह घोटाला 1990 के दशक में सामने आया था। उस वक्त का यह सबसे बड़ा घोटाला था। इसमें करीब 950 करोड़ रूपये की हेराफेरी की गई थी। 

यहां पढ़िए कब क्या हुआ 

जनवरी, 1996 : पशुपालन विभाग के दफ्तरों पर छापे मारे गए, और जब्त दस्तावेज से पता चला कि चारा आपूर्ति के नाम पर अस्तित्वहीन कंपनियों द्वारा धन की हेराफेरी की गई है।
11 मार्च, 1996 : पटना हाईकोर्ट ने सीबीआई को घोटाले की जांच का आदेश दिया, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर मुहर लगाई।
27 मार्च, 1996 : सीबीआई ने चाईंबासा खजाना मामले में प्राथमिकी दर्ज की।
23 जून, 1997 : आरोप पत्र दाखिल, लालू प्रसाद यादव को आरोपी बनाया गया।
30 जुलाई, 1997 : लालू ने सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण किया, न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
5 अप्रैल, 2000 : विशेष सीबीआई अदालत में आरोप तय किए।
5 अक्तूबर, 2001 : सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड राज्य बनने के बाद मामला वहां स्थानांतरित किया।
फरवरी, 2002 : रांची की विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई शुरू।
13 अगस्त, 2013 : सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई कर रही निचली अदालत के न्यायाधीश के स्थानांतरण की लालू की मांग खारिज की।
17 सितंबर, 2013 : विशेष सीबीआई अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा।
30 सितंबर, 2013 : लालू प्रसाद, जगन्नाथ मिश्र और 45 अन्य को सीबीआई अदालत ने दोषी ठहराया।
3 अक्तूबर, 2013 : लालू को पांच साल कारावास की सजा, 25 लाख का जुर्माना भी। लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल भेजे गए।
नवंबर, 2014 : झारखंड हाईकोर्ट ने लालू को राहत देते हुए उन पर लगे घोटाले की साजिश रचने, आईपीसी 420 ठगी तथा 409 के आरोप हटाते हुए कहा कि एक ही अपराध के लिए किसी व्यक्ति को दो बार सजा नहीं दी जा सकती है। साथ ही कहा गया कि लालू के खिलाफ आईपीसी की दो अन्य धाराओं के तहत मुकदमा जारी रहेगा। सीबीआई ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की।  

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