चारा-पानी देने वाला तक कोई नहीं, दो और गौशाला में बेहाल मिली गायें…

कुछ दिनों पहले छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भाजपा नेता द्वारा चलाई जा रही सरकारी सहायता प्राप्त गौशाला में तीन दिनों में 27 गायों की मौत हो गई। गायों की मौत के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर भाजपा नेता को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन गायों की गौशाला में मौत का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। चारा-पानी देने वाला तक कोई नहीं, दो और गौशाला में बेहाल मिली गायें...#सावधान: अब GST रिटर्न भरते समय भूल कर भी न करें ये गलती, नहीं तो जाना पड़ सकेगा जेल…

छत्तीसगढ़ में ऐसी ही दो और गौशाला की सच्चाई सामने आई है, जहां की तस्वीर भी इतनी ही भयानक है। ये दोनों गौशालाएं भी भाजपा नेता द्वारा ही चलाई जा रही है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इन गौशाला में भी गायों की मौत भूख से हुई है। 

गांव वालों की माने तो पिछले एक हफ्ते में लगभग 200 गायों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट में बातया है कि उस वक्त वहां 30 गायों के शव मौजूद थे। राजपुर से कोई 15 किमी की दूरी पर मयूरी गौशाला में बाहर से ताला लगा था। शनिवार सुबह 11:30 बजे तक गौशाला में गायों का हाल लेने कोई नहीं पहुंचा।

वहीं गोदमरा गांव से 5 किमी दूर फूलचंद गौशाला में भी कुछ ऐसी ही तस्वीर नजर आई। रिपोर्ट के मुताबिक वहां 20 गायों के शव थे, जबकि सैकड़ों गाय भूख से बेहाल थी। यहां पर मयूरी गौशाला की तरह चारा और पानी कहीं नजर नहीं आ रहा था। 

मामले की चल रही जांच 

वहीं पहले मामले में अभी जांच चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि गायों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

बता दें कि इस मामले में पुलिस में शिकायत छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग ने दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि गायों की मौत के लिए गौशाला में पर्याप्त सुविधाओं का अभाव है। हालांकि गौशाला के मालिक हरीश वर्मा ने दावा किया कि गायों की मौत 15 अगस्त को एक दीवार गिर जाने की वजह से हुई थी।

वर्मा भाजपा के नेता हैं और जामुल मगर पालिका में उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त हैं। दुर्ग के अतिरिक्त कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि सरकारी सहायता प्राप्त इस गौशाला में कुल 500 मवेशी थे। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पशु चिकित्सकों की एक टीम को भेज दिया गया।

वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा नेता की गौशाला में 300 गायों की मौत होने का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक सुविधाओं के अभाव और भूख के चलते कम से कम 300 गायों की मौत हुई है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। 

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