चीनी सेना के पास हैं सबसे घातक हथियार, जानें कहां ठहरता है भारत

डीएफ-26 मिसाइल: चार हजार किलोमीटर दूर तक हमला करनेवाले इस मिसाइल को ‘गुआम किलर’ की संज्ञा दी जाती है क्योंकि गुआम में स्थित अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा इसके दायरे में है.

 जेडटीएल-09 टैंक: थल युद्ध की स्थिति में 105एमएम तोप से लैस वाहन दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर सशस्त्र निशानों पर अचूक हमला कर सकता है. इसे चीन में ही विकसित किया गया है. वहीं, जेडबीडी-04 टैंक युद्ध क्षेत्र में सेना को सुरक्षित मदद और यातायात पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया है.

 चीन के पास 2800 युद्धक टैंक हैं, जो किसी भी युद्ध की स्थिति में कहीं से भी जमीनी कार्रवाई कर किसी भी देश को तबाह करने की ताकत रखते हैं. इसकी तुलना में भारत के पास सिर्फ 568 युद्धक टैंक ही हैं. 

 सैनिकों की बात करें तो चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना है. चीन के पास 22 लाख 85 हजार सशस्त्र सैनिक हैं, तो 5 लाख 10 हजार रिजर्व सैनिक भी हैं. यही नहीं अर्धसैनिक बलों के रूप में चीन के पास 6 लाख 60 हजार सैनिक हैं.

दुनिया की आर्थिक महाशक्तियों में से एक चीन उभरती इकॉनॉमी पावर इंडिया को नई चुनौती दे सकता है. दरअसल, एक दिग्गज चीनी कंपनी इंडियन मार्केट में कई दूसरी चीजें बेचने का प्लानिंग कर रही है. ये कंपनी यदि भारतीय बाजार में कई प्रोडक्ट्स के मार्केट में उतरती है, तो भारतीय फर्मों के लिए खतरे की घंटी है. आइए जानते हैं चीन की ओर से कौन सी चुनौती मिलने जा रही है भारत को.

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