चीन के निशाने पर अमेरिकी विमान

सयुक्त राष्ट्र अमेरिका के एक सैन्य अधिकारी का मानना है कि  सितंबर 2017 के बाद से अब तक 20 तरह की अलग-अलग घटनाओं में अमेरिकी विमानों को टारगेट करने के लिए लेजर हथियारों का इस्तेमाल किया गया है. और इस हमले के लिए उन्होंने अपने बयान में चीन को जिम्मेदार ठहराया है. सयुक्त राष्ट्र अमेरिका के एक सैन्य अधिकारी का मानना है कि  सितंबर 2017 के बाद से अब तक 20 तरह की अलग-अलग घटनाओं में अमेरिकी विमानों को टारगेट करने के लिए लेजर हथियारों का इस्तेमाल किया गया है. और इस हमले के लिए उन्होंने अपने बयान में चीन को जिम्मेदार ठहराया है.   अपनी जानकारी ख़ुफ़िया रखने पर सेना के इस प्रवक्ता ने आगे  कहा कि ये लेजर किरणें अमेरिकी विमानों पर डाली गई है और इसमें चीन के शामिल होने का अंदेशा है. अधिकारी ने कहा कि ताजा घटना बीते महीने के अंदर-अंदर हुई है. जानकारी देते हुए इस प्रवक्ता ने बताया कि हालांकि, इस तरह की घटनाओं में कोई घायल नहीं हुआ है. अधिकारी ने बताया कि प्रशांत क्षेत्र में इस्तेमाल में लाए गए लेजर हथियार सैन्य थे या व्यावसायिक इस बारे में नहीं पता परन्तु यकीनन इससे पायलट को काफी नुकसान पहुंच सकता था.      इस मसले पर शुक्रवार को नियमित सवांददाता संम्मेलन में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा , "प्रासंगिक अधिकारियों से हमे जो पता चला, उसके मुताबिक, अमेरिकी मीडिया द्वारा दी गई रिपोर्टों में आरोप पूरी तरह से झूठे और बेबुनियादी है. ज्ञात हो कि संदिग्ध लेजर हमलों का नवीनतम दौर पूर्वी चीन सागर के आसपास बताया जाता है.

अपनी जानकारी ख़ुफ़िया रखने पर सेना के इस प्रवक्ता ने आगे  कहा कि ये लेजर किरणें अमेरिकी विमानों पर डाली गई है और इसमें चीन के शामिल होने का अंदेशा है. अधिकारी ने कहा कि ताजा घटना बीते महीने के अंदर-अंदर हुई है. जानकारी देते हुए इस प्रवक्ता ने बताया कि हालांकि, इस तरह की घटनाओं में कोई घायल नहीं हुआ है. अधिकारी ने बताया कि प्रशांत क्षेत्र में इस्तेमाल में लाए गए लेजर हथियार सैन्य थे या व्यावसायिक इस बारे में नहीं पता परन्तु यकीनन इससे पायलट को काफी नुकसान पहुंच सकता था. 

इस मसले पर शुक्रवार को नियमित सवांददाता संम्मेलन में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा , “प्रासंगिक अधिकारियों से हमे जो पता चला, उसके मुताबिक, अमेरिकी मीडिया द्वारा दी गई रिपोर्टों में आरोप पूरी तरह से झूठे और बेबुनियादी है. ज्ञात हो कि संदिग्ध लेजर हमलों का नवीनतम दौर पूर्वी चीन सागर के आसपास बताया जाता है.

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