चीन ने उत्तरी डोकलाम में फिर किया कब्जा- छुप चाप बनाए सात हेलीपैड

विवाद के थमने के छह माह बाद ही चीन ने डोकलाम के उत्तरी हिस्से में कब्जा कर लिया है। इसका खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ है। इनके अनुसार, चीनी सैनिकों ने विवादित क्षेत्र में सात हेलीपैड बना लिए हैं और सैन्य वाहन भी तैनात कर रखे हैं। डोकलाम क्षेत्र की नई सैटेलाइट तस्वीरों में कंक्रीट की कुछ चौकियां भी दिख रही हैं। हेलीपैड इतने बड़े हैं कि चीनी सेना में शामिल सबसे बड़े हेलीकॉप्टर भी यहां उतारे जा सकते हैं। ये तस्वीरें दिसंबर और जनवरी माह की बताई जा रही हैं। 

सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ बड़ा खुलासा: चीन ने उत्तरी डोकलाम में फिर किया कब्जाइनके अनुसार, चीनी सैनिक जहां पर तैनात हैं, उससे कुछ दूरी पर सड़क निर्माण की बड़ी मात्रा में सामग्री भी पड़ी हुई है। गूगल अर्थ की सहायता से निकाली गई तस्वीरों के आधार पर इलाके में जेडबीएल-09 आईएफवी या इंफैंट्री लड़ाकू वाहनों की तैनाती की आशंका है। छोटे टैंकों की पार्किंग भी नजर आ रही है। चीनी सेना के 100 से ज्यादा सैनिकों के भी वहां होने की बात कही जा रही है। यहां तक कहा जा रहा है कि कई टुकड़ी टेंट के अंदर हैं, जिनकी मौजूदगी का पता सैटेलाइट तस्वीरों से नहीं चल पा रहा है। 

10 मीटर ऊंचे टावर बनाए 

तस्वीरों से पता चलता है कि चीन ने निगरानी के लिए 10 मीटर से ऊंचे दो सीमेंट के टावर भी खड़े कर लिए हैं। नई चौकियां भी इस पठार के तकरीबन हर पहाड़ी पर बनाई गई हैं। भारतीय पोस्ट से मात्र 81 मीटर की दूरी पर ढांचागत निर्माण भी किया गया है। 

72 दिन चला था गतिरोध

डोकलाम इलाके में चीनी सैनिकों के सड़क निर्माण को 16 जून 2017 भारतीय सैनिकों ने रोक दिया था। उस वक्त भारतीय जवान और चीन की पीएलए के जवान 72 दिनों तक एक दूसरे आमने-सामने तैनात रहे थे। इस विवाद को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में काफी तनाव आ गया था। चीनी मीडिया ने तो भारत को सबक सिखाने तक की धमकी दे डाली थी। इस विवाद का खात्मा 28 अगस्त 2017 को हुआ था। दोनों पक्षों में बनी सहमति के अनुसार, चीन को सड़क निर्माण कार्य ठप कर वापस लौटना था।  

सेना प्रमुख ने माना, डोकलाम में अब भी कुछ चीनी सैनिक

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने डोकलाम क्षेत्र के एक हिस्से में चीनी सैनिकों की मौजूदगी को स्वीकार करते हुए कहा है कि अगर वे फिर विवादास्पद जगह पर आए तो भारत पहले की तरह मुकाबला करेगा। हालांकि उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में डोकलाम विवाद से पहले वाली स्थिति बहाल हो चुकी है। रायसीना डायलॉग में जनरल रावत ने कहा कि डोकलाम क्षेत्र के एक  हिस्से में अब भी कुछ चीनी सैनिक हैं। वहां अस्थायी निर्माण भी जस का तस है। इसके अलावा निर्माण सामग्री और उपकरण भी हैं। 

लेकिन यह चिंता की बात नहीं है। हो सकता है कि सर्दी के कारण चीनी सेना अपना सामान नहीं ले जा पाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि सेना ऐसी स्थिति का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहती है। सेना प्रमुख ने विवाद टालने के लिए दोनों देशों के बीच बने तंत्र की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह तंत्र लगातार सक्रिय रहा है और इसी कारण इस विवाद को खत्म करने में सफलता मिली है।

 
 

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