चीन में जिनपिंग की ‘बादशाहत’ के खिलाफ उठी आवाज, सांसदों को खुली चिट्ठी

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के देश की सत्ता पर लंबे समय तक विराजमान रहने के लिए संविधान में बदलाव किया जा रहा है. लेकिन अब चीन में इसके खिलाफ आवाज़ खड़ी हो रही है. चीन में एक जाने माने राजनीतिक टिप्पणीकार एवं एक प्रसिद्ध महिला कारोबारी ने उस प्रस्ताव के खिलाफ आवाज उठाई है जिसके अमल में आने पर राष्ट्रपति शी चिनफिंग को अनिश्चतकाल तक सत्ता पर काबिज रहने की अनुमति मिल जाएगी. देश में इस तरह के विरोध की आवाज कभी-कभार ही उठ पाती है.चीन में जिनपिंग की 'बादशाहत' के खिलाफ उठी आवाज, सांसदों को खुली चिट्ठी

न्यूज़ एजेंसी IANS के अनुसार, टिप्पणीकार ने सांसदों को खुला पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे चिनफिंग को अनिश्चितकाल तक सत्ता में बने रहने की अनुमति देने वाले प्रस्ताव को खारिज करें. चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के कार्यकाल की समयसीमा खत्म करने के लिए रविवार को एक प्रस्ताव की घोषणा की थी.

वीचैट पर प्रसारित हो रहे हैं बयान

इस प्रस्ताव के विरोध में लोकप्रिय मैसेजिंग एप वीचैट पर बयान प्रसारित हो रहे हैं. सरकार संचालित ‘चाइना यूथ डेली’ के पूर्व संपादक ली दातोंग ने वीचैट पर एक बयान में चीन की संसद के सदस्यों को लिखा कि कार्यकाल की सीमा खत्म करना ‘‘अराजकता के बीज बोने’’ जैसा होगा. ली ने स्थानीय समाचार एजेंसी से कहा, ‘‘यदि देश के शीर्ष नेता के कार्यकाल की कोई समयसीमा नहीं होगी तो हम एक राजशाही शासन की ओर लौटेंगे.’’

सरकार में सुधारों की वकालत कर चुकी महिला कारोबारी वांग यिंग ने कहा, ‘‘मेरी पीढ़ी ने माओ को देखा है, वह युग खत्म हो गया है. हम इस पर संभावित रूप से वापस कैसे जा सकते हैं?’’ उन्होंने वीचैट पर लिखा कि कम्युनिस्ट पार्टी का प्रस्ताव ‘‘पूरी तरह धोखा’’ और ‘‘धारा के विपरीत’’ है.

उन्होंने लिखा, ‘‘मैं जानती हूं कि आप (सरकार) कुछ भी करने का दुस्साहस करेंगे और किसी आम आदमी की आवाज का निश्चित तौर पर कोई फायदा नहीं होगा. लेकिन मैं एक चीनी नागरिक हूं और भागने की मेरी कोई योजना नहीं है. यह मेरी मातृभूमि भी है.’’ नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थाई समिति के सूचना विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें खुले पत्र के बारे में जानकारी नहीं है. 

कांग्रेस अगले महीने अपने वार्षिक सत्र के दौरान संवैधानिक संशोधन को लगभग पारित कर देगी. इस दौरान वह शी को पांच साल का एक और कार्यकाल देगी तथा नए मंत्रियों और अधिकारियों की नियुक्ति करेगी.

चीन के संविधान के तहत कोई भी राष्ट्रपति पांच-पांच साल के कार्यकाल के लिए केवल दो बार ही इस पद पर रह सकता है, लेकिन माओ के बाद देश के सर्वाधिक शक्तिशाली नेता माने जाने वाले शी भ्रष्टाचार से लड़ने, गरीबी हटाने, चीन को एक अग्रणी आधुनिक देश बनाने के अपने एजेंडे के नाम पर अतिरिक्त कार्यकाल चाहते हैं.

सरकार और पार्टी प्रवक्ता ने कार्यकाल की अवधि खत्म करने के प्रस्ताव के पीछे के उद्देश्यों के बारे में अभी तक कोई व्यापक व्याख्या नहीं दी है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा कि प्रस्ताव नई स्थिति के अनुरूप और नए युग में चीनी चरित्र के साथ समाजवाद के विकास को बनाए रखने के मद्देनजर लाया गया.

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