चीन-PAK के रडार भी नहीं पकड़ पाएंगे, नौसेना में शामिल हुई स्कॉर्पीन ‘करंज’

भारत की समुद्री ताकत लगातार मजबूत हो रही है. मंगलवार को स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी ‘करंज’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया. इस मौके पर नौसेना प्रमुख सुनील लांबा भी मौजूद रहे. इसे मुंबई के मझगांव डॉक पर लॉन्च किया गया. करंज को पूरी तरह से मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है.चीन-PAK के रडार भी नहीं पकड़ पाएंगे, नौसेना में शामिल हुई स्कॉर्पीन 'करंज'

कलवरी और खांदेरी के बाद करंज के शामिल होने भारत की समुद्री ताकत मजबूत होगी. हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी और अरब सागर के पास पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने के लिए ये सबमरीन काफी अहम भूमिका निभाएगी. चीन और पाकिस्तान के लिए करंज को अपनी रडार में लेना काफी मुश्किल साबित होगा. 

आपको बता दें कि पिछले साल आई बॉलीवुड फिल्म गाजी इसी INS ‘करंज’ पर आधारित थी. जो कि 1971 में भारत-पाकिस्तान लड़ाई के दौरान 18 दिनों तक पानी के अंदर रह हमले को झेला था और कड़ा जवाब दिया था. आपको बता दें कि करंज पहले 4 सितंबर, 1969 को भारतीय नौसेना में शामिल हुई थी, जिसके बाद 2003 में रिटायर हुई थी. अब एक बार फिर नए अवतार के साथ इसे लॉन्च किया गया है.  

खास बातें –

– दुश्मन के लिए रडार में आना मुश्किल. 

– जमीन पर हमला करने में भी सक्षम.

– लंबे समय तक पानी में रुक सकती है.

इससे पहले हाल ही में कलवरी और खांदेरी भी भारतीय नौसेना में शामिल हुई थी.

बता दें कि भारत की 2029 तक 24 पनडुब्बियां बनाने की योजना है. इसके पहले प्रॉजेक्ट पी-75 के तहत स्कॉर्पीन सीरीज की छह पनडुब्बियां बनाई जा रही हैं. डीजल-इलेक्ट्रिक दोनों ही तरह की ताकत से लैस इस पनडुब्बी के आने के बाद से नौसेना के पास कुल पनडुब्बियां 14 हो जाएगी. कंरज इस सीरीज की तीसरी पनडुब्बी है.

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