चीन: SEO बैठक में सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को लताड़ा

भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज विदेश यात्रा पर चीन गई हुई है 24 अप्रैल को वहां उनका आखिरी दिन है. स्वराज ने चीन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए पाकिस्तान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद मूल मानवाधिकारों का दुश्मन है और आतंक के खिलाफ लड़ाई में ऐसे देशों की पहचान करने की भी जरूरत है जो उसे बढ़ावा, समर्थन, धन देते हैं और आतंकी समूहों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं.’चीन: भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज विदेश यात्रा पर चीन गई हुई है 24 अप्रैल को वहां उनका आखिरी दिन है. स्वराज ने चीन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए पाकिस्तान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'आतंकवाद मूल मानवाधिकारों का दुश्मन है और आतंक के खिलाफ लड़ाई में ऐसे देशों की पहचान करने की भी जरूरत है जो उसे बढ़ावा, समर्थन, धन देते हैं और आतंकी समूहों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं.'  वहीं आगे उन्होंने कहा, ' संरक्षणवाद को उसके प्रत्येक रूप में खारिज किया जाना चाहिए और व्यापार के मार्ग में अवरोधक पैदा करने वाले तत्वों को नियंत्रित करने की कोशिश की जानी चाहिए. 'उन्होंने कहा, भारत एससीओ के साथ काम करते हुए आपसी आर्थिक और निवेश संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. हमारा मानना है कि आर्थिक वैश्विकरण ज्यादा खुला, समावेशी , समानतापरक और परस्पर हितों के लिए संतुलित होना चाहिए. '   यहाँ विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्री सुषमा ने वैश्विक आतंकवाद और संरक्षणवाद का मुद्दा उठाया. उन्होने कहा, 'आज दुनिया के सामने कई चुनौतियां हैं. सबसे बड़ी चुनौती वैश्विक आतंकवाद है और उससे लड़ने के लिए तुरंत मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार करने की जरूरत है.' उन्होंने कहा, 'आतंकवाद, मौलिक मानवाधिकारों, जीवन शांति और समृद्धि के अधिकार का दुश्मन है.'चीन: भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज विदेश यात्रा पर चीन गई हुई है 24 अप्रैल को वहां उनका आखिरी दिन है. स्वराज ने चीन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए पाकिस्तान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'आतंकवाद मूल मानवाधिकारों का दुश्मन है और आतंक के खिलाफ लड़ाई में ऐसे देशों की पहचान करने की भी जरूरत है जो उसे बढ़ावा, समर्थन, धन देते हैं और आतंकी समूहों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं.'  वहीं आगे उन्होंने कहा, ' संरक्षणवाद को उसके प्रत्येक रूप में खारिज किया जाना चाहिए और व्यापार के मार्ग में अवरोधक पैदा करने वाले तत्वों को नियंत्रित करने की कोशिश की जानी चाहिए. 'उन्होंने कहा, भारत एससीओ के साथ काम करते हुए आपसी आर्थिक और निवेश संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. हमारा मानना है कि आर्थिक वैश्विकरण ज्यादा खुला, समावेशी , समानतापरक और परस्पर हितों के लिए संतुलित होना चाहिए. '   यहाँ विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्री सुषमा ने वैश्विक आतंकवाद और संरक्षणवाद का मुद्दा उठाया. उन्होने कहा, 'आज दुनिया के सामने कई चुनौतियां हैं. सबसे बड़ी चुनौती वैश्विक आतंकवाद है और उससे लड़ने के लिए तुरंत मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार करने की जरूरत है.' उन्होंने कहा, 'आतंकवाद, मौलिक मानवाधिकारों, जीवन शांति और समृद्धि के अधिकार का दुश्मन है.'

वहीं आगे उन्होंने कहा, ‘ संरक्षणवाद को उसके प्रत्येक रूप में खारिज किया जाना चाहिए और व्यापार के मार्ग में अवरोधक पैदा करने वाले तत्वों को नियंत्रित करने की कोशिश की जानी चाहिए. ‘उन्होंने कहा, भारत एससीओ के साथ काम करते हुए आपसी आर्थिक और निवेश संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. हमारा मानना है कि आर्थिक वैश्विकरण ज्यादा खुला, समावेशी , समानतापरक और परस्पर हितों के लिए संतुलित होना चाहिए. ‘ 

यहाँ विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्री सुषमा ने वैश्विक आतंकवाद और संरक्षणवाद का मुद्दा उठाया. उन्होने कहा, ‘आज दुनिया के सामने कई चुनौतियां हैं. सबसे बड़ी चुनौती वैश्विक आतंकवाद है और उससे लड़ने के लिए तुरंत मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार करने की जरूरत है.’ उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद, मौलिक मानवाधिकारों, जीवन शांति और समृद्धि के अधिकार का दुश्मन है.’

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