चुस्ती और जवानी बरकरार रखने के लिए रामबाण है मिश्री….

अक्सर घरों में प्रसाद के तौर पर मिश्री या रॉक शुगर खाने को मिल ही जाती है। इसकी शुद्धता के कारण इसका इस्तेमाल हिन्दू धर्म में देवी-देवताओं को प्रसाद चढ़ाने के लिए किया जाता हैं। सिर्फ स्वाद से ही मीठी के कारण नहीं, मिश्री सेहत से जुड़े कई फायदो के लिए भी जानी जाती है। गुणों से भरपूर मिश्री को खाने के बहुत सारे लाभ हैं। आगे की स्लाइड्स में जानें इस से होने वाले फायदो के बारे में।चुस्ती और जवानी बरकरार रखने के लिए रामबाण है मिश्री....

मिश्री को भिंडी की जड़ के साथ मिलाकर खाने से यौन शक्ति बढ़ती है। आयुर्वेद के मुताबिक, रोजाना दूध के साथ मिश्री का सेवन करने से यौन संबंध के प्रति रूची न होना, यौन दुर्बलता, वीर्य की कमी होना आदि रोगों में बहुत लाभ मिलता है। 

गले की खराश के लिए मिश्री काफी असरदार होती है। लंबे समय से अगर आपको खांसी की परेशानी या गले में खराश महसूस हो रही हो तो मिश्री का सेवन करें। यह गले संबंधित समस्या को दूर करने में काफी सहायक है। मिश्री को पानी में मिलाकर पीने से आपको आराम मिलेगा। 

गुणों से भरपूर मिश्री को ड्रिंक के रुप में भी प्रयोग किया जाता है। इसकी मिठास और ठंडक की वजह से इसे ज्यादा गर्मी वाले राज्य जैसे दक्षिण भारत में ठंडा ताजा पेय बनाने के लिए किया जाता है। एक गिलास पानी में मिश्री को मिलाकर पीने से यह ग्लूकोज के रूप में शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। इसे पीने से शरीर को स्फूर्ती का एहसास होता है और कुछ देर के लिए गर्मी से राहत मिलती है। 

अगर मुंह में छाले हो गये हो तो मिश्री को इलायची के साथ मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को छाले पर लगाएं। आपके छाले दूर हो जाएंगे।

पैरों में जलन हो तो मक्खन और मिश्री को बराबर मात्र में मिलाकर लगाए। जलन झट से दूर हो जाएगी।

नकसीर होने पर मिश्री को पानी में मिलाकर सूघंने पर आराम मिलता है।

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