अब टीम इंडिया के पास अभ्‍यास का ये है आखिरी मौका…

लंदन: रोहित शर्मा अपने चिर परिचित स्थान पर वापसी करेंगे और चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के खिलाफ शुरुआती मुकाबले से पहले जब भारतीय टीम कल बांग्लादेश के खिलाफ अपने अंतिम अभ्‍यास मैच के लिये उतरेगी तो उनकी निगाहें सलामी बल्लेबाज के तौर पर कुछ अच्छे अभ्‍यास पर लगी होंगी. बारिश के कारण बाधित हुए शुरुआती अभ्‍यास मैच में न्यूजीलैंड पर 45 रन की जीत दर्ज करने के बाद विराट कोहली चाहेंगे कि उनके बल्लेबाजों को पिछले अभ्‍यास मैच की तुलना में 26 से ज्यादा ओवर खेलने को मिल जाएं.अब टीम इंडिया के पास अभ्‍यास का ये है आखिरी मौका...यह भी पढ़े:> किन्नरों के साथ हुआ शर्मनाक हादसा… बिलख-बिलख कर बताए अपने…
रोहित इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी टीम की बेहतरी के लिए बल्लेबाजी क्रम में नीचे खेलने उतरे थे लेकिन अब वह पारी का आगाज करेंगे. वह निजी कारण के चलते पहले अभ्‍यास मैच में नहीं खेल सके थे और शनिवार की शाम को ही टीम से जुड़े. महेंद्र सिंह धोनी ने 2013 में भारत के सफल चैंपियंस ट्रॉफी अभियान में उन्हें बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजने का फैसला लिया था, जिसके बाद उनका सीमित ओवर का करियर पूरी तरह से बदल गया. भारत की सफलता का सबसे बड़ा कारण रोहित और शिखर धवन की जोड़ी था जो फिर से उन्हीं हालात में नई गेंद का सामना करेंगे जो चार साल के पिछले अभियान की तरह ही हैं. पहले अभ्‍यास मैच में अजिंक्य रहाणे बतौर सलामी बल्लेबाज विफल रहे.

कोहली ने पहले मैच में अर्धशतकीय पारी खेली और वह महेंद्र सिंह धोनी के साथ मैदान पर एक और अच्छी पारी खेलने चाहेंगे. धोनी ने भी क्रीज पर अपनी पारी के दौरान प्रभावित किया था. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि युवराज सिंह वायरल बुखार से उबरे हैं कि नहीं और वह कल के मैच में उपलब्ध रहेंगे कि नहीं. इस अनुभवी बल्लेबाज को भी पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले बल्लेबाजी अभ्‍यास की जरूरत है. कप्तान कोहली केदार जाधव को भी मौका देना चाहेंगे.

बांग्लादेश की टीम 50 ओवर के क्रिकेट में काफी अच्छी रही है. ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में हुए 2015 वर्ल्‍डकप के दौरान टीम क्वार्टरफाइनल तक पहुंची थी. मुस्तफिजुर रहमान, रुबेल हुसैन, तास्किन अहमद और कप्तान मशरफे मुर्तजा की तेज गेंदबाजों की चौकड़ी किसी भी दिन किसी भी टीम के खिलाफ खतरनाक साबित हो सकती है बल्कि भारत ने 2015 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज गंवा दी थी जब मुस्तफिजुर अंतरराष्ट्रीय किकेट में नए ही थे. उनके खिलाफ भिड़ंत से अगले रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले टीम की अच्छी तैयारी हो सकती है.

भारत का गेंदबाजी आक्रमण न्यूजीलैंड के खिलाफ अच्छा ही दिखा था, जिसमें उन्होंने विपक्षी टीम को 189 रन के अंदर समेट दिया था. कोहली के सामने हालांकि नई गेंद से गेंदबाजी करने के विकल्पों में भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव और मोहम्मद शमी मौजूद होंगे. डेथ ओवरों की ज्यादातर जिम्मेदारी यार्कर विशेषज्ञ जसप्रीत बुमराह पर होगी. रवींद्र जडेजा की छोटे प्रारूप में आलराउंडर की काबिलियत रविचंद्रन अश्विन से ज्यादा अच्‍छी है. दूसरे अभ्‍यास मैच से हालांकि पता चल जायेगा कि शुरुआती मुकाबले में भारत की अंतिम एकादश के खिलाड़ी कौन होंगे.

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