चैंपियंस ट्रॉफी: महामुकाबले के वो चार मौके, जिससे भारत से चित हुआ पाकिस्तान..

भारत और पाकिस्तान के बीच चैंपियंस ट्रॉफी के एजबेस्टन में हुए हाइप्रोफाइल मुकाबले में एक बार फिर भारत का पलड़ा भारी रहा। पाकिस्तान पूरा जोर लगाने के बाद भी भारत से पार पाने में असफल रहा। हालांकि मैच के दौरान कई बार आई बारिश ने बाधा भी डाली लेकिन ‌इससे भारतीय टीम के हौसले बाधित नहीं हुए।चैंपियंस ट्रॉफी: महामुकाबले के वो चार मौके, जिससे भारत से चित हुआ पाकिस्तान
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शुरू में धीमी शुरूआत के बाद भारतीय टीम ने एक बार गियर बदला तो मैच पाकिस्तान के हाथ से फिसलता ही चला गया जिससे अंत तक पाकिस्तानी टीम पार नहीं पा सकी। हालांकि पाकिस्तान को शुरूआत से ही भारत का मजबूत प्रतिद्वंदी माना जा रहा था और आंकड़े भी पाकिस्तान के पक्ष में ही गवाही दे रहे थे लेकिन मैच के दौरान चार मौके ऐसे रहे जिन्होंने पूरे मैच का रुख ही पलट दिया। 
महंगा पड़ा कोहली और युवराज का कैच टपकाना 

भारत के खिलाफ मैच में पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा झटका रहा भारतीय कप्तान विराट कोहली और विस्फोटक बल्लेबाज युवराज सिंह के कैच टपकाने। दोनों ही बल्लेबाजों ने मैच को पाकिस्तान की पकड़ से दूर कर ‌दिया। कैच छूटने के बाद विराट और युवराज सिंह दोनों ने ही धुंधाधार अर्धशतक जमाए। पाक फिल्डरों ने पहला कैच 39वें ओवर में युवराज सिंह को छोड़ा उस समय वो मात्र 9 रनों पर थे। रही सही कसर 44वें ओवर में पाक ने कोहली का कैच छोड़कर पूरी कर दी। 

कैच छूटने के बाद कोहली और आक्रामक हो गए और 3 छक्के और 6 चौकों के साथ 81 रनों की नाबाद पारी खेली, जबकि युवराज सिंह ने 8 चौकों और एक छक्के की मदद से 53 रनों की पारी खेली। युवराज कोहली की बल्लेबाजी के दौरान मैच के चारों और लगते चौके छक्कों ने पूरी पाकिस्तानी टीम के हौसले पस्त कर दिए जिससे वो आखिर तक नहीं उबर पाई।

आखिरी ओवर में पाकिस्तान ने खाए 23 रन
मैच में शुरूआत में धीमा खेलने वाली भारतीय टीम को रोहित और कोहली ने बाद में तेज रफ्तार दी। लेकिन मैच का पूरा माहौल बदला आखिरी ओवर में पांडया की धुआंधार बल्लेबाजी ने। जिन्होंने अंतिम ओवर में तीन छक्कों के साथ 23 रन बटोर डाले। पांड्या की धुआंधार बल्लेबाजी के कारण ही पाकिस्तानी टीम के रहे सहे हौसले भी पस्त कर‌ दिए।

बारिश बनी पाक के लिए खलनायक
पाकिस्तान के लिए बारिश भी मैच में बड़ी खलनायक बनी। पाकिस्तान ने टॉस जीतने के बाद भी भारत को बल्लेबाजी का न्यौता इस उम्‍मीद से दिया था कि ग्राउंड में मौजूद नमी का फायदा उसके तेज गेंदबाज उठा सकें लेकिन उसका यही दांव उस पर उल्टा पड़ गया। मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाजी के दौरान दो बार खेल रोकना पड़ा। जिसका खामियाजा पाकिस्तान को ही उठाना पड़ा।

भारत ने मैच के अंत में निर्धारित 48 ओवर में मात्र तीन‌ विकेट खोकर 319 रन बनाए थे। लेकिन तभी बारिश शुरू हो गई। जिसके बाद डकवर्थ लुईस नियम के अनुसार पाक को 48 ओवर में 324 रनों का टारगेट दिया। जिसमें पाक को 6.75 रन प्रति ओवर के हिसाब से लक्ष्य का पीछा करना था। लेकिन पाक के बल्लेबाजी शुरू करते ही पांचवे ओवर में फिर बारिश शुरू हो गई। मैच रुका तो पाकिस्तान को नया टारगेट 41 ओवर में 289 रनों का मिला। जिसमें उसके सामने 7 रन प्रति ओवर का लक्ष्य आ गया। नतीजतन बड़े लक्ष्य का दबाव में पाकिस्तान की टीम 33.4 ओवर में
नौ विकेट खोकर 164 रनों पर ही ढेर हो गई, चोटिल वहाब रियाज बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे।

दो गेंदबाजों के चोटिल होने से बढ़ी पाक की मुसीबत
भारत के खिलाफ हुए मैच में पाकिस्तान के लिए कुछ भी अच्छा नहीं हुआ। यहां तक की उसके गेंदबाजों को भी चोट से जूझना पड़ा। इसका असर पाकिस्तान के मनोबल और स्कोर दोनों पर पड़ा। पाकिस्तान के मुख्य गेंदबाज मोहम्मद आमिर को भारतीय पारी के आखिरी ओवरों चोट से जूझना पड़ा।

अपना नौंवा ओवर लेकर आए आमिर को पैर में मोच आने के कारण पहली गेंद के बाद ही मैदान छोड़ना पड़ा। भारतीय पारी में सबसे कम पार आमिर को ही पड़ी थी। उन्होंने 8 ओवरों में 4 के औसत से मात्र 32 रन दिए थे। उनके जाने का पाक को सबसे बड़ा नुकसान ये रहा कि अंतिम ओवरों में भारत ने उसके गेंदबाजों की जमकर खबर ली। दूसरे गेंदबाज वहाब रियाज को भी चोट के कारण वापस लौटना पड़ा।

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