जगन्नाथ रथ यात्रा : इस जगह घूमे बगैर अधूरी रह जाएगी आपकी जगन्नाथ यात्रा

उड़ीसा स्थित जगन्नाथ पुरी में भगवान जगन्नाथ की निकलने वाली भव्य रथ यात्रा की तैयारी बड़े ही जोरों शोरों से चल रही है. हर साल की तरह इस साल भी बड़ी ही धूम धाम से जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाएगी जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहेंगे. बता दें कि इस साल रथ यात्रा की शुरुआत 14 जुलाई से होने वाली है जो पूरे 9 दिनों तक चलेगी.उड़ीसा स्थित जगन्नाथ पुरी में भगवान जगन्नाथ की निकलने वाली भव्य रथ यात्रा की तैयारी बड़े ही जोरों शोरों से चल रही है. हर साल की तरह इस साल भी बड़ी ही धूम धाम से जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाएगी जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहेंगे. बता दें कि इस साल रथ यात्रा की शुरुआत 14 जुलाई से होने वाली है जो पूरे 9 दिनों तक चलेगी.    अगर आप भी इस रथ यात्रा में शामिल होना चाहते हैं और जगन्नाथ पुरी घूमने जाने के बारे में सोच रहे हैं तो उससे पहले आपको इन बातों को जान लेना चाहिए. आज हम आपको जगन्नाथ पुरी के कुछ ऐसे धाम बताने जा रहे हैं जिनके दर्शन किये बगैर आप लौटते हैं तो आपकी जगन्नाथ यात्रा अधूरी मानी जाती है.    जगन्नाथ पुरी मंदिर के अलावा भी जगन्नाथ पुरी से 20 किलोमीटर दूर पुरी-भुवनेश्वर हाइवे पर साक्षी गोपाल मंदिर स्थित है. इस मंदिर में मौजूद देवता को साक्षी कहा जाता है. यहां मंदिर मन मोह लेने वाला मंदिर है. इसके बाद आता है चिलिका लेक, पुरी..यहां झील एशिया की सबसे बड़ी नमकीन पानी की झील है जो दिखने में बेहद ही खूबसूरत है.    फिर आता है कोणार्क सूर्य मंदिर जो जगन्नाथ पुरी से लगभग 35 किलोमीटर दूर है. यह मंदिर वास्तुकला और नक्काशी के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है. इसके बाद सबसे आखिरी में आता है पुरी बीच जहाँ पर बड़ी संख्या में लोग स्नान करने आते हैं. जब भी आप जगन्नाथ यात्रा पर जाए तो इन खूबसूरत जगहों पर जाना न भूले.

अगर आप भी इस रथ यात्रा में शामिल होना चाहते हैं और जगन्नाथ पुरी घूमने जाने के बारे में सोच रहे हैं तो उससे पहले आपको इन बातों को जान लेना चाहिए. आज हम आपको जगन्नाथ पुरी के कुछ ऐसे धाम बताने जा रहे हैं जिनके दर्शन किये बगैर आप लौटते हैं तो आपकी जगन्नाथ यात्रा अधूरी मानी जाती है.

जगन्नाथ पुरी मंदिर के अलावा भी जगन्नाथ पुरी से 20 किलोमीटर दूर पुरी-भुवनेश्वर हाइवे पर साक्षी गोपाल मंदिर स्थित है. इस मंदिर में मौजूद देवता को साक्षी कहा जाता है. यहां मंदिर मन मोह लेने वाला मंदिर है. इसके बाद आता है चिलिका लेक, पुरी..यहां झील एशिया की सबसे बड़ी नमकीन पानी की झील है जो दिखने में बेहद ही खूबसूरत है.

फिर आता है कोणार्क सूर्य मंदिर जो जगन्नाथ पुरी से लगभग 35 किलोमीटर दूर है. यह मंदिर वास्तुकला और नक्काशी के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है. इसके बाद सबसे आखिरी में आता है पुरी बीच जहाँ पर बड़ी संख्या में लोग स्नान करने आते हैं. जब भी आप जगन्नाथ यात्रा पर जाए तो इन खूबसूरत जगहों पर जाना न भूले.

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