जगन्नाथ रथ यात्रा : विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा की तिथियां और कार्यक्रम

आप ‘जगन्नाथ रथ यात्रा’ से तो वाकिफ होंगे ही हर बार की तरह इस बार भी इस भव्य यात्रा की तैयारी बढ़ी जोरों शोरों से चल रही है. ऐसा कहा जाता है कि करीब पिछले 500 सालों से भगवान ‘जगन्नाथ जी’ की रथयात्रा निकाले जाने की परंपरा रही है. यही नहीं बल्कि हर बार इस यात्रा को जोश और उल्लास के साथ मनाया जाता है.आप 'जगन्नाथ रथ यात्रा' से तो वाकिफ होंगे ही हर बार की तरह इस बार भी इस भव्य यात्रा की तैयारी बढ़ी जोरों शोरों से चल रही है. ऐसा कहा जाता है कि करीब पिछले 500 सालों से भगवान 'जगन्नाथ जी' की रथयात्रा निकाले जाने की परंपरा रही है. यही नहीं बल्कि हर बार इस यात्रा को जोश और उल्लास के साथ मनाया जाता है.    जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि जगन्नाथपुरी की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का उत्सव आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. यात्रा के दौरान विशाल रथों की साज सज्जा की जाती है और उसमें भगवान जगन्नाथ विराजमान होते हैं और भगवान जगन्नाथ को रथ पर बिठाकर पूरे नगर में भ्रमण कराया जाता है.    यात्रा के समय चली आ रही परंपरा के अनुसार इन विशाल रथों को सैकड़ों लोग मोटे-मोटे रस्सों की मदद से खींचते हैं और नगरवासियों को भगवान जगन्नाथ के दर्शन कराये जाते हैं. इसके पीछे का रहस्य बताया जाता है कि जो लोग रथ खींचने में सहयोग करते हैं उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है.  यही वजह है कि रथ यात्रा के दौरान सैकड़ो लोग इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं. कहा जा रहा है कि इस साल यह भव्य यात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया यानि 14 जुलाई 2018 (शनिवार) को शुरू होने जा रही है. यह त्यौहार पूरे 9 दिन तक बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. बता दें कि जगन्नाथपुरी की यह रथयात्रा विश्व भर में प्रसिद्ध है.

जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि जगन्नाथपुरी की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का उत्सव आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. यात्रा के दौरान विशाल रथों की साज सज्जा की जाती है और उसमें भगवान जगन्नाथ विराजमान होते हैं और भगवान जगन्नाथ को रथ पर बिठाकर पूरे नगर में भ्रमण कराया जाता है.

यात्रा के समय चली आ रही परंपरा के अनुसार इन विशाल रथों को सैकड़ों लोग मोटे-मोटे रस्सों की मदद से खींचते हैं और नगरवासियों को भगवान जगन्नाथ के दर्शन कराये जाते हैं. इसके पीछे का रहस्य बताया जाता है कि जो लोग रथ खींचने में सहयोग करते हैं उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है.

यही वजह है कि रथ यात्रा के दौरान सैकड़ो लोग इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं. कहा जा रहा है कि इस साल यह भव्य यात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया यानि 14 जुलाई 2018 (शनिवार) को शुरू होने जा रही है. यह त्यौहार पूरे 9 दिन तक बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. बता दें कि जगन्नाथपुरी की यह रथयात्रा विश्व भर में प्रसिद्ध है.

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