जज लोया मामले में आज आ सकता है फैसला

 सुप्रीम कोर्ट सीबीआई के विशेष जज बीएच लोया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई रहस्य्मयी मौत की जाँच वाले मामले में देश की शीर्ष अदालत आज गुरुवार को फैसला सुना सकता है.बता दें कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थी.आज का फैसला इस मामले की जाँच की दिशा तय करेगा.नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट सीबीआई के विशेष जज बीएच लोया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई रहस्य्मयी मौत की जाँच वाले मामले में देश की शीर्ष अदालत आज गुरुवार को फैसला सुना सकता है.बता दें कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थी.आज का फैसला इस मामले की जाँच की दिशा तय करेगा.  गौरतलब है कि जज लोया बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर केस की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें कई पुलिस अधिकारी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का नाम भी शामिल था.उनकी 1 दिसंबर 2014 को कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से नागपुर में मौत हो गई थी. इसके बाद महाराष्ट्र के पत्रकार बी एस लोने और कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने स्वतंत्र याचिका दायर कर इस जस्टिस लोया मर्डर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी से जाँच की मांग की थी.प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के बाद 16 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था.  आपको बता दें कि सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामले में राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया, राजस्थान के व्यवसायी विमल पाटनी, गुजरात के पूर्व पुलिस प्रमुख पीसी पांडे, एडीजीपी गीता जौहरी व गुजरात के पुलिस अफसर अभय चूडास्मा व एनके अमीन को बरी किया जा चुका है. एक पत्रिका ने जज लोया के परिजनों के बयान का वीडियो जारी किया है, जिससे जज लोया की रहस्मय मौत पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. इस मामले में 12 जनवरी को चार जजों की प्रेस कांफ्रेंस में लगाए गए आरोपों के बाद गठित न्यायिक पीठ में न्यायमूर्ति लोया की मौत का मामला भी शामिल है.

गौरतलब है कि जज लोया बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर केस की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें कई पुलिस अधिकारी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का नाम भी शामिल था.उनकी 1 दिसंबर 2014 को कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से नागपुर में मौत हो गई थी. इसके बाद महाराष्ट्र के पत्रकार बी एस लोने और कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने स्वतंत्र याचिका दायर कर इस जस्टिस लोया मर्डर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी से जाँच की मांग की थी.प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के बाद 16 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था.

आपको बता दें कि सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामले में राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया, राजस्थान के व्यवसायी विमल पाटनी, गुजरात के पूर्व पुलिस प्रमुख पीसी पांडे, एडीजीपी गीता जौहरी व गुजरात के पुलिस अफसर अभय चूडास्मा व एनके अमीन को बरी किया जा चुका है. एक पत्रिका ने जज लोया के परिजनों के बयान का वीडियो जारी किया है, जिससे जज लोया की रहस्मय मौत पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. इस मामले में 12 जनवरी को चार जजों की प्रेस कांफ्रेंस में लगाए गए आरोपों के बाद गठित न्यायिक पीठ में न्यायमूर्ति लोया की मौत का मामला भी शामिल है.

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