जब अटल जी के लिए दिलीप कुमार ने नवाज़ शरीफ को लगाई थी फटकार

अटल बिहारी वाजपेयी अपने जीवन काल में ऐसे काम किये हैं जिसमें व्यक्तिगत तरीके से उन पर कोई आरोप नहीं लगे. भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान की जनता भी अटल जी के निधन से काफी दुखी हैं और उन्होंने शोक भी प्रकट किया है. खबरों की मानें तो पाकितान भी अटल जी के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाला है. ऐसे ही बॉलीवुड इंडस्ट्री से भी अटल जी का नाता अच्छा रहा. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बॉलीवुड के कलाकार दिलीप कुमार के काफी करीब थे और दोनों के रिश्ते भी काफी अच्छे रहे. दोनों ऐसे दोस्त थे कि एक बार दिलीप कुमार ने  पाकिस्तान के तत्कालीन नवाज़ शरीफ को  ‘शराफत’ से रहने की सलाह भी दी थी.अटल बिहारी वाजपेयी अपने जीवन काल में ऐसे काम किये हैं जिसमें व्यक्तिगत तरीके से उन पर कोई आरोप नहीं लगे. भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान की जनता भी अटल जी के निधन से काफी दुखी हैं और उन्होंने शोक भी प्रकट किया है. खबरों की मानें तो पाकितान भी अटल जी के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाला है. ऐसे ही बॉलीवुड इंडस्ट्री से भी अटल जी का नाता अच्छा रहा. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बॉलीवुड के कलाकार दिलीप कुमार के काफी करीब थे और दोनों के रिश्ते भी काफी अच्छे रहे. दोनों ऐसे दोस्त थे कि एक बार दिलीप कुमार ने  पाकिस्तान के तत्कालीन नवाज़ शरीफ को  'शराफत' से रहने की सलाह भी दी थी.  बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड फिल्मों के भी शौकीन थे अटल जी  इस बारे में जानकारी आपको पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी की किताब 'नाइदर अ हॉक नॉर अ डव' में मिलेगी. पाकिस्तान की कारगिल युद्ध के दौरान एक ऐसा मौका भी आया जब अटल बिहारी वाजपेयी के लिए दिलीप कुमार ने तत्कालीन पाक पीएम नवाज शरीफ तक को डांट लगा दी थी. उस समय दिलीप कुमार ने नवाज शरीफ से कहा, 'मियां साहब हम आपकी तरफ से ऐसी उम्मीद नहीं करते थे, क्योंकि आपने हमेशा कहा है कि आप भारत और पाकिस्तान के बीच शांति चाहते हैं.' दिलीप कुमार ने अटल जी के कहने पर ही नवाज़ शरीफ से बात की थी जिसमें उन्होंने यह भी कहा था कि  'मैं एक भारतीय मुसलमान के तौर पर आपको बताना चाहता हूं कि भारत-पाक के बीच तनाव की स्थिति में भारतीय मुस्लिम बहुत असुरक्षित हो जाते हैं जिसके कारण उन्हें अपने घर से भी बाहर निकलना भी कठिन लगता है. इसलिए हालात को काबू रखने में कुछ कीजिए.'     अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर यात्रा में एक  लाहौर घोषणा पत्र भी रहा जिसमें ये बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते अच्छे हो सकते हैं. लेकिन इसे लागू करने में प्रति प्रतिबद्धता भी जाहिर की थी और ये दोस्ती ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाई साथ ही जैसे ही अटल जी भारत लौटकर आये वैसे ही माहौल फिर से तनावपूर्ण हो गए.

इस बारे में जानकारी आपको पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी की किताब ‘नाइदर अ हॉक नॉर अ डव’ में मिलेगी. पाकिस्तान की कारगिल युद्ध के दौरान एक ऐसा मौका भी आया जब अटल बिहारी वाजपेयी के लिए दिलीप कुमार ने तत्कालीन पाक पीएम नवाज शरीफ तक को डांट लगा दी थी. उस समय दिलीप कुमार ने नवाज शरीफ से कहा, ‘मियां साहब हम आपकी तरफ से ऐसी उम्मीद नहीं करते थे, क्योंकि आपने हमेशा कहा है कि आप भारत और पाकिस्तान के बीच शांति चाहते हैं.’ दिलीप कुमार ने अटल जी के कहने पर ही नवाज़ शरीफ से बात की थी जिसमें उन्होंने यह भी कहा था कि  ‘मैं एक भारतीय मुसलमान के तौर पर आपको बताना चाहता हूं कि भारत-पाक के बीच तनाव की स्थिति में भारतीय मुस्लिम बहुत असुरक्षित हो जाते हैं जिसके कारण उन्हें अपने घर से भी बाहर निकलना भी कठिन लगता है. इसलिए हालात को काबू रखने में कुछ कीजिए.’

अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर यात्रा में एक  लाहौर घोषणा पत्र भी रहा जिसमें ये बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते अच्छे हो सकते हैं. लेकिन इसे लागू करने में प्रति प्रतिबद्धता भी जाहिर की थी और ये दोस्ती ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाई साथ ही जैसे ही अटल जी भारत लौटकर आये वैसे ही माहौल फिर से तनावपूर्ण हो गए.

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