…जब गुस्से में बोले धोनी- पागल हूं जो 300 वनडे खेल चुका हूं

टीम इंडिया के नए कलाई के जादूगर कुलदीप यादव इन दिनों शानदार फॉर्म में हैं. बाएं हाथ का ये चाइनामैन गेंदबाज लगातार विरोधी टीम की हालत पतली करने में लगा हुआ है. लेकिन हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि विकेट के पीछे से महेंद्र सिंह धोनी उनकी काफी मदद करते हैं, लगातार वह इनपुट देते रहते हैं जिससे विकेट मिलने में आसानी मिलती है.धोनी

यूट्यूब पर आने वाले एक टॉकशो पर कुलदीप यादव ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि मैं लगातार चौके-छक्के खा रहा था, तब माही भाई मेरे पास आए और उन्होंने कहा कि कवर हटा कर, प्वाइंट को आगे बढ़ा लो. तो मैंने माही भाई को कहा नहीं ऐसा ही ठीक है. 

कुलदीप ने बताया कि इतने में ही माही भाई गुस्सा हो गए और कहा कि मैं पागल हूं जो 300 वनडे खेल चुका हूं. तो मैं भी डर गया. तो मैंने तुरंत फील्डिंग को वैसा ही कर दिया और तुरंत बाद में विकेट भी मिल गया. तो माही भाई ने मेरे कहा कि मैं यही समझाने की कोशिश कर रहा था.

इसी इंटरव्यू में कुलदीप के साथ युजवेंद्र चहल भी थे. उन्होंने कहा कि जब मैं डेब्यू कर रहा था तो धोनी को लगातार माही सर कह रहा था. लेकिन 2 ही ओवर के बाद उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया और कहा कि सर, मत कहो. माही, एमएसडी या फिर माही भाई. तब से मैं उन्हें माही भाई ही कहता हूं.

आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी गेंदबाज ने धोनी के लगातार इनपुट्स की मदद की है. इससे पहले भी कुलदीप यादव कह चुके हैं कि ‘मैं पहली बार दक्षिण अफ्रीका में खेल रहा था और समझ में नहीं आ रहा था कि कैसी गेंद डालूं. मेरे लिए यह नया अनुभव था. मैं माही भाई से पूछ रहा था और उन्होंने कहा कि जैसे गेंदबाजी कर रहे हो, वैसे ही करो. वह विकेट के पीछे से सलाह देते हैं और इससे काम आसान हो जाता है.’  

माही जैसा कोई नहीं..!

आपको बता दें कि टी-20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक स्टंप करने वालों की सूची में धोनी नंबर-1 पर आ गए हैं. धोनी ने 33 स्टंप कर पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल (32 स्टंप) का रिकॉर्ड तोड़ डाला.

टी-20 इंटरनेशनलः सर्वाधिक स्टंपिंग का रिकॉर्ड

एमएस धोनी (भारत): 91 मैच, 33 स्टंप

कामरान अकमल (पाकिस्तान): 58 मैच, 32 स्टंप

मो. शहजाद (अफगानिस्तान): 63 मैच, 28 स्टंप

टी-20 इंटरनेशनल में विकेट के पीछे सर्वाधिक शिकार (कैच+स्टंप) के मामले में भी धोनी सबसे आगे हैं. उन्होंने अब तक 82 शिकार (49+33) किए हैं. कामरान अकमल  (60 शिकार) दूसरे और मो. शहजाद (54 शिकार) तीसरे नंबर पर हैं.

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