जब पीटी उषा चूक गईं ओलंपिक मेडल से, पलक झपकने से भी आधे समय का था अंतर

केरल के कोझिकोड में 27 जून को जन्मीं पीटी उषा आज अपना 54वां जन्मदिन मना रही हैं। उषा भारत की बेहतरीन महिला एथलीट रही हैं। ट्रैक हो या फील्ड, उषा ने अपनी फुर्ती से कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।  केरल के कोझिकोड में 27 जून को जन्मीं पीटी उषा आज अपना 54वां जन्मदिन मना रही हैं। उषा भारत की बेहतरीन महिला एथलीट रही हैं। ट्रैक हो या फील्ड, उषा ने अपनी फुर्ती से कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।   साल 1979 में नेशनल गेम्स में पीटी उषा ने कई मेडल जीते। यही नहीं 1980 नेशनल इंटर स्टेट की पदक तालिका में भी पीटी उषा ने कई जगह अपना नाम अंकित करवाया। एथलीट टिंटू लुका के साथ पीटी उषा। फाइल फोटो पीटी उषा ने 16 साल की उम्र में पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लिया था। 1980 में मॉस्को में हुए इस ओलंपिक में वह कोई पदक तो नहीं जीत पाईं मगर अपने प्रदर्शन से उन्होंने कई लोगों को हैरान जरूर कर दिया था।  1981 में बंगलुरु में आयोजित हुई सीनियर इंटर स्टेट चैंपियनशिप में उषा ने नेशनल रिकॉर्ड बनाया। उषा ने 100 मी की दौड़ 11.8 सेकेंड और 200 मी की दौड़ 24.6 सेकेंड में पूरी की।   पीटी उषा को गोल्डन गर्ल के नाम से भी जाना जाता था। यही नहीं कुछ लोग उन्हें उड़नपरी और पयोली एक्सप्रेस भी कहते थे।

साल 1979 में नेशनल गेम्स में पीटी उषा ने कई मेडल जीते। यही नहीं 1980 नेशनल इंटर स्टेट की पदक तालिका में भी पीटी उषा ने कई जगह अपना नाम अंकित करवाया।
एथलीट टिंटू लुका के साथ पीटी उषा। फाइल फोटो
पीटी उषा ने 16 साल की उम्र में पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लिया था। 1980 में मॉस्को में हुए इस ओलंपिक में वह कोई पदक तो नहीं जीत पाईं मगर अपने प्रदर्शन से उन्होंने कई लोगों को हैरान जरूर कर दिया था।

1981 में बंगलुरु में आयोजित हुई सीनियर इंटर स्टेट चैंपियनशिप में उषा ने नेशनल रिकॉर्ड बनाया। उषा ने 100 मी की दौड़ 11.8 सेकेंड और 200 मी की दौड़ 24.6 सेकेंड में पूरी की।

पीटी उषा को गोल्डन गर्ल के नाम से भी जाना जाता था। यही नहीं कुछ लोग उन्हें उड़नपरी और पयोली एक्सप्रेस भी कहते थे।

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