जम्मू कश्मीर: फायरिंग में 7 पाकिस्तानी रेंजर ढेर, 2 जवान शहीद

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा गोलीबारी जारी है. मंगलवार रात से जारी गोलीबारी में अब तक 10 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई हैं, वहीं मुठभेड़ में 2 जवान शहीद हो गए हैं, जबकि 3 जवान घायल हो गए हैं, जिन्हे ोोचर के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया है.  सुरक्षाबलों ने भी जवाबीकार्यवाही करते हुए 7 पाकिस्तानी रेंजरों को मार डाला है. सुरक्षा ने मद्देनज़र प्रशासन ने सीमा से सटे हुए प्रभावित गाँव को खाली करने का निर्देश दिए थे. जिसके बाद सेना ने बीएसएफ ने पिछले नौ दिनों में इलाके से करीब 100 गांवों के 76 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है. जबकि 40 हज़ार लोग भय के कारण इलाके से पलायन कर चुके हैंअंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा गोलीबारी जारी है. मंगलवार रात से जारी गोलीबारी में अब तक 10 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई हैं, वहीं मुठभेड़ में 2 जवान शहीद हो गए हैं, जबकि 3 जवान घायल हो गए हैं, जिन्हे ोोचर के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया है.  सुरक्षाबलों ने भी जवाबीकार्यवाही करते हुए 7 पाकिस्तानी रेंजरों को मार डाला है. सुरक्षा ने मद्देनज़र प्रशासन ने सीमा से सटे हुए प्रभावित गाँव को खाली करने का निर्देश दिए थे. जिसके बाद सेना ने बीएसएफ ने पिछले नौ दिनों में इलाके से करीब 100 गांवों के 76 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है. जबकि 40 हज़ार लोग भय के कारण इलाके से पलायन कर चुके हैं.    फिलहाल राजोरी के नौसेना सेक्योर में गोलीबारी चल रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि 1971 की जंग के बाद उन्होंने पहली बार ऐसी गोलाबारी का सामना किया है, पाकिस्तानी गोलाबारी का सामने करके आरएसपुरा और अरनिया के कैम्पों में आए लोगों का कहना है कि उन्हें लगता है जैसे वे जंग से घिरे किसी इलाके में रह रहे हों, चारों तरफ मोर्टार और स्वचालित हथियारों के चलने की आवाज है, चारों तरफ मारे गए और जख्मी लोग हैं.    आपको बता दें कि जम्मू में मौजूद रक्षा सूत्रों ने बताया, "पाकिस्तान इस बार अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सभी सेक्टर्स में फायरिंग कर रहा है, इनमें अरनिया, कठुआ, आरएसपुरा, हीरा नगर, प्लांवाला, रामगढ़ और सांबा शामिल हैं, इस साल 700 बार पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फायरिंग की है..

फिलहाल राजोरी के नौसेना सेक्योर में गोलीबारी चल रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि 1971 की जंग के बाद उन्होंने पहली बार ऐसी गोलाबारी का सामना किया है, पाकिस्तानी गोलाबारी का सामने करके आरएसपुरा और अरनिया के कैम्पों में आए लोगों का कहना है कि उन्हें लगता है जैसे वे जंग से घिरे किसी इलाके में रह रहे हों, चारों तरफ मोर्टार और स्वचालित हथियारों के चलने की आवाज है, चारों तरफ मारे गए और जख्मी लोग हैं.

आपको बता दें कि जम्मू में मौजूद रक्षा सूत्रों ने बताया, “पाकिस्तान इस बार अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सभी सेक्टर्स में फायरिंग कर रहा है, इनमें अरनिया, कठुआ, आरएसपुरा, हीरा नगर, प्लांवाला, रामगढ़ और सांबा शामिल हैं, इस साल 700 बार पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फायरिंग की है.

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