जम्मू-कश्मीर में आतंक अंतिम चरण में : डा. जितेंद्र सिंह

जम्मू-कश्मीर में आतंक अंतिम चरण में है। आतंकी भाग रहे हैं। उन पर जबरदस्त दबाव है। यह बात शनिवार को यहां पीएमओ में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने कही। वह यहां एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में कश्मीर घाटी में आतंकियों के खात्मे से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे। रोहिंग्याओं के मसले पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा का मुद्दा प्राथमिक है।जम्मू-कश्मीर में आतंक अंतिम चरण में : डा. जितेंद्र सिंहPolitics: अभ-अभी भाजपा में उत्साह, कई बसपा नेताओं ने ज्वाइन की पार्टी!

सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा के मसले के साथ ही इस संबंध में मानवीय दृष्टिकोण की तरफ भी ध्यान दिलाया है। पूरे मामले का न्यायिक पहलू देखा जाएगा। अलगाववादी आसिया अंद्राबी का पोस्टर एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान लगाए जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार ने इस पर गंभीर संज्ञान लिया है। कार्रवाई भी की है। कश्मीर की स्थिति पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल और पुलिस शानदार काम कर रहे हैं।

अच्छी बात यह है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस का स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) पूरा सहयोग कर रहा है। सुरक्षा हालातों में सकारात्मक बदलाव की भी उन्होंने बात कही। पाकिस्तान के लगातार रियासत में आतंक को बढ़ावा देने की बात पर उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान की असहाय स्थिति को दर्शाता है। पाकिस्तान जब तक इसे नकारता रहेगा, तब तक यह उसे अपनी सुरक्षा और अस्तित्व के लिए भी खतरा बना रहेगा। 

रोहिंग्याओं के मसले पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि जहां तक भाजपा और इसकी सरकार का सवाल है, हम इस संबंध में स्पष्ट हैं। सुरक्षा का मुद्दा प्राथमिक मुद्दा है। जम्मू-कश्मीर के लिए खास तौर पर जहां इनकी जनसंख्या खासी है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के बयान का भी हवाला दिया। मजलिस शूरा की लड़के-लड़कियों को साथ न पढ़ाए जाने की दिक्कत पर कहा कि किसी केधर्म में हस्तक्षेप के बगैर जहां तक हमारी बात है, हम सभी के लिए न्याय की बात पर यकीन करते हैं। लिंग समानता अटूट तत्व है। 

गुजरात में कांग्रेस के हतोत्साहित होने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास मुद्दों की कमी है। कहा कि राहुल गांधी की तीन दिवसीय यात्रा में वहां व्यर्थ के मसले उठाए गए। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र जय शाह के मसले पर उन्होंने कहा कि विपक्ष की जांच की मांग के बावजूद अमित शाह के पुत्र ने कोर्ट में मानहानि का वाद दाखिल किया है। उन्हें उनकी बात कोर्ट में रखने या साबित करने दें।

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