जर्मनी के चिड़ियाघर से फरार हुए शेर चीते, अलर्ट जारी

जर्मनी के ल्यूनबाख चिड़ियाघर से एक है हैरान करने वाली खबर आई है. यहां पश्चिमी जर्मनी स्थित एक चिड़ियाघर से दो शेर, दो बाघ और एक तेंदुआ के बाड़ा फांद कर बाहर भागने की जानकारी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक इस इलाके व आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके अलावा स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है साथ ही लोगों से अपील भी की है ये हिंसक जानवर जिस किसी को भी दिखे वह फौरन पुलिस को सुचना दें.जर्मनी के ल्यूनबाख चिड़ियाघर से एक है हैरान करने वाली खबर आई है. यहां पश्चिमी जर्मनी स्थित एक चिड़ियाघर से दो शेर, दो बाघ और एक तेंदुआ के बाड़ा फांद कर बाहर भागने की जानकारी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक इस इलाके व आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके अलावा स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है साथ ही लोगों से अपील भी की है ये हिंसक जानवर जिस किसी को भी दिखे वह फौरन पुलिस को सुचना दें.    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ल्यूनबाख के रूएम शहर में स्थित एफिल चिड़ियाघर से उपरोक्त जानवर फरार हो गए है. जर्मन मीडिया के मुताबिक, इस क्षेत्र में रातभर तेज तूफ़ान के साथ बारिश हुई जिसके बाद इलाके में बाढ़ आ गई. जानकारी के मुताबिक यह पहला मामला नहीं है जब इस चिड़ियाघर से कोई जानवर फरार हुआ है. इससे पहले भी यहां से एक भालू के भाग जाने की खबर थी. हालांकि इस भालू के मिलते ही पुलिस ने इसे गोली मार दी थी.    इस चिड़ियाघर की वेबसाइट पर के मुताबिक, यहां 400 से ज्यादा जानवर मौजूदा है. वहीं इस जगह पर सालाना 70 हजार से अधिक सैलानी आते है. वहीं इस चिड़ियाघर को 1965 में बनाया गया था. बताते है कि इस चिड़ियाघर के शरुआती दिनों में यहां केवल कुत्ते, गधे और जंगली सुअर ही रखे गए थे.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ल्यूनबाख के रूएम शहर में स्थित एफिल चिड़ियाघर से उपरोक्त जानवर फरार हो गए है. जर्मन मीडिया के मुताबिक, इस क्षेत्र में रातभर तेज तूफ़ान के साथ बारिश हुई जिसके बाद इलाके में बाढ़ आ गई. जानकारी के मुताबिक यह पहला मामला नहीं है जब इस चिड़ियाघर से कोई जानवर फरार हुआ है. इससे पहले भी यहां से एक भालू के भाग जाने की खबर थी. हालांकि इस भालू के मिलते ही पुलिस ने इसे गोली मार दी थी.

इस चिड़ियाघर की वेबसाइट पर के मुताबिक, यहां 400 से ज्यादा जानवर मौजूदा है. वहीं इस जगह पर सालाना 70 हजार से अधिक सैलानी आते है. वहीं इस चिड़ियाघर को 1965 में बनाया गया था. बताते है कि इस चिड़ियाघर के शरुआती दिनों में यहां केवल कुत्ते, गधे और जंगली सुअर ही रखे गए थे.

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