जानलेवा ब्ल्यू व्हेल गेम अब लखनऊ में, जानिए, क्यों कर रहे हैं बच्चे सुसाइड

आत्महत्या को उकसाने वाले ब्ल्यू व्हेल गेम की दहशत ने लखनऊ में भी दस्तक दे दी है। बता दें क‌ि ये एक ऐसा इंटरनेट गेम है ‌ज‌िसके जाल में फंसकर कथ‌ित रूप से कई बच्चों की जान जा चुकी है। इस गेम में द‌िए जाने वाले चैलेंज में से आख‌िरी डेयर (लास्ट स्लाइड में देखें ब्ल्यू व्हेल गेम के सारे चैलेंज)  सुसाइड है। आगे जानें लखनऊ का मामला…जानलेवा ब्ल्यू व्हेल गेम अब लखनऊ में, जानिए, क्यों कर रहे हैं बच्चे सुसाइडबड़ी खबर: तो अब मुंबई भी पहुँच गया ‘चोटीकटवा’, कटी दो चोटियाँ, लोगो में छाया खौफ

लखनऊ में आर्मी पब्लिक स्कूल का छात्र 10 वर्षीय पार्थ होरा यह गेम खेलते-खेलते इतना सहम गया कि इधर-उधर भागने लगा। मम्मी-पापा से भी डरने लगा। पार्थ को किसी तरह पकड़कर एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज हो रहा है। आलमबाग के सिंगार नगर के रहने वाले पिता गुरमीत सिंह ने बताया कि सोमवार को पार्थ अचानक डरते हुए कमरे से निकला और बाहर की तरफ भागना शुरू कर दिया। 

 बच्चे को पकड़ना चाहा तो सहमकर दुबकने लगा। पकड़ा तो डर से कांप रहा था और हाथ छुड़ाकर फिर भागने की कोशिश की। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरमीत ने कहा कि वे ब्ल्यू व्हेल गेम के बारे में नहीं जानते, लेकिन पार्थ अक्सर वह गेम खेलता रहता था। पार्थ को क्या हुआ है, यह डॉक्टर भी नहीं बता पा रहे। 
 बता दें क‌ि इस खतरनाक खेल को रोकने के ल‌िए केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने गृह और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रियों को पत्र लिखकर सोशल मीडिया से ऑनलाइन सुसाइड गेम ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ को हटाने की मांग की है। 
 पिछले हफ्ते कथित तौर पर कक्षा 10 के एक छात्र ने पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में इस गेम के प्रभाव में आकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले मुंबई में भी एक 14 वर्षीय छात्र की आत्महत्या के पीछे यही कारण सामने आया था। 
 पत्र में उन्होंने इस बात का उल्लेख किया है कि इस घातक गेम से अब तक अमेरिका, चीन और अन्य देशों में 100 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि बाल अधिकारों की केंद्रीय संस्था एनसीपीसीआर भी इसका उल्लंघन करने वालों की पहचान करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय को मई से अब तक तीन बार पत्र लिख चुकी है।
 जानें क्या है ब्ल्यू व्हेल गेम: ब्ल्यू व्हेल गेम एक इंटरनेट गेम है जो कई देशों में खेला जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इस गेम को खेलने वाले को कई डेयर (चैलेंज) दिए जाते हैं जो उसे 50 दिन में पूरे करने होते हैं। आखिरी चैलेंज में प्लेयर को आत्महत्या करनी होती है। 
 इस खेल में एडमिनिस्ट्रेटर गेम खेलने वाले को लगभग हर दिन कोई न कोई चैलेंज देता है। इसमें सुबह 4.20 बजे उठना, क्रेन पर चढ़ना, अपने हाथ पर कोई स्पेसिफिक चीज उकेरना, हाथों-पैरों में सुई चुभोना वगैरह शामिल हैं। इस गेम के बारे में सबसे खतरनाक बात जो सामने आई है वो ये है क‌ि टास्क पूरे न करने पर खेलने वाले के पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी जाती है जिससे डरकर बच्चे सुसाइड कर लेते हैं। 

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