जानिए इस तरह जाट और किसान नेता के तौर पर बनी थी सांवरलाल की पहचान, जो अब नही रहे…

भारतीय जनता पार्टी के अजमेर से सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सांवरलाल जाट ने आज सुबह दिल्ली के एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली।जानिए इस तरह जाट और किसान नेता के तौर पर बनी थी सांवरलाल की पहचान, जो अब नही रहे...अभी अभी आई सबसे बुरी खबर: राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री का हुआ दुखद निधन, चारो ओर छाया महतम का माहोल

उनके निधन की खबर के बाद राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। भाजपा के साथ कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने भी जाट के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है किसान मसीहा के तौर पर याद रखे जाएंगे सांवरजी।

गौरतलब है कि राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सांवरलाल जाट को बीती 22 जुलाई को राजस्थान के भाजपा मुख्यालय में हार्ट अटैक आया था। वे यहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मीटिंग में सम्मलित होने आए थे। 

अमित शाह और वसुंधरा राजे

 इसके बाद उन्हें ब्रेन स्ट्रोक की भी आया। वे तभी से कोमा में थे। उसके बाद उन्हें दिल्ली ​के एम्स अस्पताल में​ शिफ्ट किया गया था।

जाट की पहचान राजस्थान में किसान नेता के तौर पर भी थी। वे जाट समुदाय के भी अगुवा माने जाते रहें है। अजमेर जिले के गोपालपुरा गांव के रहने वाले जाट चौधरी चरण सिंह के अनुयायी रहें। उनकी पहचान आम आदमी की ही रहीं।

इसलिए भाजपा के दिग्गज के नेताओं ने भी उनके निधन को पार्टी की अपूरणीय क्षति बताया है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में सांवरलाल जाट ने अजमेर से वर्तमान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट को हराया था। 

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