जानिए क्या और क्यों अधूरी रह गई जेल में कैद राम रहीम की एक ख्वाहिश…..?

साध्वी रेप केस में 20 साल के लिए जेल में कैद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम ने एक सपना देखा था, जो पूरा नहीं हो सका। जानिए क्या और क्यों पूरा नहीं हुआ।जानिए क्या और क्यों अधूरी रह गई जेल में कैद राम रहीम की एक ख्वाहिश.....?

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दरअसल, राम रहीम ने जेल में अपनी गोद ली गई बेटी हनीप्रीत को साथ रखने की मांग की थी। हालांकि अधिकारियों ने उसकी मांग को ठुकरा दिया, लेकिन उसे साथ रखे जाने के पीछे राम रहीम ने कमर दर्द का हवाला दिया था। उसका कहना था कि हनीप्रीत एक्यूप्रेशर की एक्सपर्ट है और वह मसाज करके उसका दर्द ठीक कर सकती है।

जेल मैन्युअल के कारण पूरा नहीं हुआ सपना
राम रहीम को दोषी करार दिये जाने के बाद उसके वकील ने कोर्ट में गुहार लगाई थी कि हनीप्रीत को जेल में उसके साथ रहने दिया जाए। इसका कारण बताया था कि डेरामुखी की दवाइयों के बारे में हनीप्रीत को पता है। इस पर कोर्ट ने कहा था कि यदि जेल मैन्युअल इस तरह की अनुमति देता है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। जब हनीप्रीत सुनारिया जेल पहुंची तो जेल प्रशासन ने जेल मैन्युअल में ऐसी किसी भी व्यवस्था होने से इनकार कर दिया था। 
गौरतलब है कि 25 अगस्त को साध्वी रेप केस में दोषी करार दिए जाने के बाद राम रहीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उस समय भी हनीप्रीत उसके साथ थी। वह हेलिकॉप्टर में बैठकर उसके साथ रोहतक जेल गई थी। वहां करीब दो घंटे वह राम रहीम के साथ जेल के पास बने गेस्ट हाउस में भी रही थी। उसके बाद राम रहीम को जेल कारागार में शिफ्ट किया गया और हनीप्रीत को भेज दिया गया।
रोहतक जेल से निकलने के बाद हनीप्रीत गायब हो गई। डीजीपी ने बताया कि राम रहीम के जेल आने के बाद हनीप्रीत को जेल से वापस भेज दिया गया था। फिर चर्चा हुई थी कि जेल से आने के बाद हनीप्रीत आर्य नगर में एक डेरा प्रेमी के घर पर रुकी थी। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने हनीप्रीत के मोबाइल की लोकेशन भी खंगाली है। उसके मोबाइल की अंतिम लोकेशन दिल्ली के नजफगढ़ में मिली है। इसके बाद से ही उसका मोबाइल नंबर बंद है।
डीजीपी ने बताया कि पंचकूला से गुरमीत के साथ रोहतक की सुनारिया जेल पहुंची हनीप्रीत 25 अगस्त को रात लगभग दस बजे जेल से तीन डेरा प्रेमियों रोहतक के साथ गई थी। रोहतक के आर्य नगर निवासी संजय चावला, हिसार निवासी वेद प्रकाश और झज्जर से जितेंद्र कुमार अपनी जिम्मेवारी पर उसे साथ ले गए थे। हनीप्रीत ने लिखित में जेल प्रशासन को दिया था कि मै हनीप्रीत इसां पुत्री गुरमीत राम रहीम सही सलामत हूं और विकास निवासी 3/783 फतेहाबाद के साथ जा रही हूं।
डेरा प्रेमी संजय चावला, वेद प्रकाश और जितेंद्र ने भी उसी पत्र पर लिख कर दिया था कि हम उपरोक्त व्यक्ति बाबा राम रहीम की पुत्री हनीप्रीत इसां को अपने साथ सही सलामत अपनी जिम्मेवारी और हनीप्रीत की मर्जी से लेकर जा रहे हैं। उन्हें उनके घर पहुंचाने की जिम्मेवारी हमारी है। उसके बाद से हनीप्रीत कहां है, इसका भी कोई सुराग नहीं है। संजय चावला भी इस बारे में कुछ बता नहीं पा रहे हैं।
गिरफ्तारी के बाद कई राज होंगे उजागर
हनीप्रीत वर्ष 2011 से डेरामुखी के ज्यादा नजदीक आई। वह डेरामुखी के हर छोटे-बड़े राज से वाकिफ है। इतना ही नहीं, एमएसजी सीरीज वाली फिल्मों के जरिए डेरे का काला धन भी सफेद करने का तिकड़म हनीप्रीत ने ही लड़ाया था। इसके अलावा डेरामुखी को दोषी करार देने के बाद उसे भगाने की साजिश में हनीप्रीत ही महत्वपूर्ण कड़ी थी। पुलिस उसे इस साजिश का मास्टरमाइंड मान रही है। ऐसे कई राज से पर्दा उठाने के लिए हनीप्रीत का मिलना पुलिस के लिए बेहद जरूरी है।
राम रहीम पर फिर दर्ज होगा एक और केस
हनीप्रीत के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया जा चुका है। उस पर राम रहीम को भगाने के आरोप लगे हैं। हिंसा भड़काने में उसका हाथ होने की बात भी कही जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर डेरा प्रमुख के खिलाफ भी साजिश रचने की धाराओं 120-बी में मुकदमा दर्ज हो सकता है। फिलहाल पुलिस राम रहीम के खिलाफ सीधे तौर पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने से बच रही है।
पनाह देने वालों पर भी केस दर्ज होगा फिर
हरियाणा पुलिस ने हनीप्रीत को चार लोगों के हवाले किया था। विकास कुमार निवासी फतेहाबाद, संजय पुत्र रामजीदास निवासी आर्यनगर रोहतक, वेदप्रकाश पुत्र छोटूराम निवासी राजली हिसार और जितेंद्र कुमार पुत्र फकीरचंद निवासी किला कॉलोनी झज्जर। हरियाणा पुलिस को हनीप्रीत के साथ उन सभी लोगों की भी तलाश है, जिन्होंने इस बीच हनीप्रीत को शरण देने का काम किया है। पुलिस इन शरणदाताओं पर भी मुकदमा दर्ज करेगी।

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