जानिए जनता की राय, नोटबंदी के बाद क्या मोदी 2019 में भी जीत पाएंगे?

नोटबंदी को लेकर विरोध का सिलसिला अभी भी जारी है . पर ये विरोध जनता की तरफ से नहीं हो रहा . ये विरोध तो सियासी तौर पर किया जा रहा है . इस बात से तो सब मुखातिर है कि ये नोटबंदी कालेधन को खत्म करने के लिए की गयी है . अगर यू कहा जाये कि देश में काले धन की सफाई का अभियान शुरू हो चुका है , तो कुछ गलत नहीं होगा . यहाँ तक कि कुछ सियासी और आर्थिक जानकार इस फैसले को मास्टर स्ट्रोक का नाम भी दे रहे है .my

अब नोटबंदी के फैसले का असर किस पर कैसा होगा इस पर अभी चर्चा हो चल रही है . मगर ये तो तय है कि कुछ विरोधी, जनता की परेशानी का हवाला देकर इस फैसले को गलत साबित करने पर तुले हुए है . वैसे जनता की याददाश्त बहुत कमजोर होती है . इसलिए जब जनता टूजी और कोयला घोटाले को भूल गयी , तो ये नोटबंदी भी भूल जाएगी . इसलिए विरोध करने वाले बस विरोध करते ही रह जायेगे . वही दूसरी तरफ इस फैसले के बाद मोदी का नाम इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो चुका है .

मोदी के फैसले ने खड़े किये सवाल .. इस समय सवाल ये खड़ा किया जा रहा है कि जनता पूरी तरह से परेशान है . साथ ही जनता मोदी के खिलाफ नाराजगी भी जाहिर कर रही है . पर इस बात में कुछ सच्चाई नजर नहीं आ रही . हालांकि मोदी के विपक्षी ये सोच रहे है कि इसके बाद जनता 2019 में मोदी को वोट नहीं देगी . पर जनता को देख कर ऐसा लग नहीं रहा कि वो मोदी से जरा भी खफा है . ये केवल विपक्षियों की साजिश है . वैसे भी ममता बैनर्जी, राहुल गाँधी और अरविन्द केजरीवाल चीख चीख कर कह रहे है कि अगर नोटबंदी थोड़ी तैयारी के साथ की जाती, तो जनता को इतनी परेशानी न होती . इसलिए मोदी को अपना फैसला वापिस ले लेना चाहिए . इसलिए जनता की तरफ से तो अब तक मोदी पर कोई सवाल खड़ा नहीं किया गया है .

विरोध करके विपक्षी खुद खोल रहे है अपनी पोल .. उल्टा विपक्षी इस तरह की हरकते करके खुद को ही जनता की नजरों में एक्सपोज़ कर रहे है . जनता को अपनी असली रूप दिखा रहे है . अब जब राजनीतिक दल भृष्टाचारी लोगों का साथ देकर नोटबंदी का विरोध करेगे तो जनता के मन में शक पैदा होना जायज सी बात है . खास करके केजरीवाल जो भृष्टाचार को लेकर इतना आंदोलन कर रहा था , वो भी आज कालेधन वालों को सपोर्ट करता नजर आ रहा है . इसलिए जनता का सबको संदेह की दृष्टि से तो देखना बनता ही है . अब हर विपक्षी यही उम्मीद कर रहा है कि 2014 में जो मोदी लहर चली थी, वो 2019 में खत्म हो जाएगी . पर ऐसा कुछ नहीं होगा क्योंकि जनता मोदी से बहुत खुश है . भले ही आज परेशान है, पर कल फिर से मुस्कुराएगी . इसलिए आने वाले लोकसभा चुनावों का हर कोई इंतज़ार कर रहा है . मगर ये तो तय है कि मोदी लहर जब से शुरू हुई है , वो अब तक कायम है और रहेगी .

विश्व स्तर पर हो रही है मोदी के फैसले की तारीफ ..आपको बता दे कि नोटबंदी की तारीफ पूरे विश्व स्तर पर की जा रही है . दरअसल इस फैसले के बाद से अमीर और गरीब का फासला मिट सा गया है . अब जब कोई गरीब किसी अमीर को परेशान देखता है तो उसे बहुत सुकून मिलता है . गरीब तो पहले से ही परेशान है . मगर अब अमीर के बुरे दिन शुरू हुए है . मोदी जी के फैसले के बाद से ही खास और वीआईपी लोग भी परेशान से नज़र आ रहे है . अब आम लोगों की तरह वो भी लाइन में लगे नजर आते है . बस ये बात मोदी जी के पक्ष में जा रही है . अगर सौ बात की एक बात कही जाये तो मोदी जी का पहला राउंड सुपर गया . इसके बाद अगले साल इसका दूसरा राउंड शुरू होगा . अंत में 2019 में फाइनल राउंड होगा . इसका मतलब ये हुआ कि मोदी ने सबसे बड़ा दाव अभी चल दिया है . इसलिए राजनीती का भी एक अलग माहौल बनने लगा है .

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