जानिए धोनी के 13 साल कैसे बने स्पेशल, पहले मैच में 0, फिर कप्तान और आज ऐसा है…

23 दिसंबर 2004 का दिन भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक ऐसी तारीख बन चुकी है, जिसे कभी भूलाया नहीं जा सकता है। झारखंड के रांची शहर का एक लड़का लंबे-लंबे बालों के साथ तेज चाल के साथ बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में खेले गए वन-डे में बैटिंग करने क्रीज पर आता है और बिना खाता खोले रन आउट होकर बिना खाता खोले ही उतने तेज कदमों से पवेलियन लौट जाता है, जितनी तेजी से आया था। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि एक दिन यह दुनिया का सबसे बेहतरीन फिनिशर और टीम इंडिया को दो विश्व कप दिलाने वाला कप्तान बनेगा।  जानिए धोनी के 13 साल कैसे बने स्पेशल, पहले मैच में 0, फिर कप्तान और आज ऐसा है...

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दरअसल हम बात कर रहे पूर्व टीम इंडिया के कूल-कूल प्लेयर महेंद्र सिंह धोनी की। धोनी ने आज ही के दिन बांग्लादेश के खिलाफ अपना पहला मैच खेला था। धोनी को इस मैच में सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने का मौका मिला था। इस मैच में टीम इंडिया के 180 रन पर 5 विकेट गिर चुके थे और सबकी निगाहें धोनी के ऊपर थी। धोनी इससे पहले घरेलू क्रिकेट में कई ताबड़तोड़ पारियां खेलकर आए थे और सबका मानना था कि धोनी इस मैच में बांग्लादेश के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ देंगे, लेकिन पहली बॉल पर ही रन आउट हो गए।  

हालांकि इस मैच को टीम इंडिया जीतने में कामयाब रही, लेकिन इस पूरी सीरीज में धोनी अपने बल्ले से कोई बड़ा धमाल नहीं कर पाए थे। लेकिन इस सीरीज के बाद पाकिस्तान को भारत दौरे पर आना था। इस सीरीज में धोनी को एक बार फिर से मौका मिला और धोनी ने इसे दोनों हाथ से लपकटे हुए विशाखापट्टनम में 123 बॉल पर 15 चौके और 4 छक्कों की मदद से 148 रन की धमाकेदार पारी खेली। 

इस मैच में धोनी को पहली बार तीन नंबर पर खेलने का मौका मिला। टीम इंडिया ने इस मैच में 356 रन बनाए और पाकिस्तान को 298 रन पर ऑल आउट करके मैच को 58 रन से जीत लिया। इस मैच में धोनी को मैन ऑफ द मैच चुना गया।  

तब से लेकर अब तक सफलता धोनी के कदम चूप रही है। धोनी को पहली बार टी20 का कप्तान बनाया गया और वो टी20 विश्व कप जीते, इसके बाद उन्होंने टीम इंडिया को 23 साल बाद वन-डे में भी विश्व चैंपियन बनाया। इसके अलावा टेस्ट में पहली बार टीम इंडिया नंवर वन धोनी की ही कप्तानी में बनी। 2013 में धोनी ने चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर दुनिया के सभी कप्तानों में से खुद को सबसे खास बना लिया। धोनी एक मात्र ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने अपनी कप्तानी में आईसीसी के सभी फॉर्मेटों को जीता है।  

धोनी ने अचानक ही 2017 में कप्तानी से संन्यास लेने का फैसला किया और पूरी दुनिया को हैरानी में डाल दिया। हालांकि आज भी कभी-कभी मैदान पर उनकी कप्तानी की चालाकियां देखने को मिल जाती हैं। कप्तान विराट कोहलीअब भी कई मौकों पर उनसे सलाह लेते हुए दिखाई देते हैं। धोनी ने आज इंटरनेशल क्रिकेट में आज अपने 13 साल पूरे कर लिए हैं और माना जा रहा है कि 2019 वर्ल्ड कप तक वो क्रिकेट जरूर खेलेंगे। 

धोनी ने 312 वन-डे मैचों 268 पारियों में 51.55 औसत की से 9,898 रन हैं। इसमें धोनी के नाम 10 सेंचुरी और 67 फिफ्टी भी शामिल हैं।  

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