जानिए, पीएफ खाता भी आपको दिला सकता है लोन

नौकरीपेशा लोगों की सैलरी से एक निश्चित राशि नियोक्ता की ओर से पीएफ के एवज में काटी जाती है, इतनी ही राशि का योगदान कंपनी की ओर से भी किया जाता है। इस राशि को कंपनियां नियमित आधार पर ईपीएफओ कार्यालय में जमा करवाती रहती हैं। पीएफ खाते में जमा राशि पर अच्छा खासा ब्याज मुहैया करवाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप अपने पीएफ खाते में जमा राशि पर लोन भी ले सकते हैं। हम अपनी इस खबर के माध्यम से आपको इसी के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

क्या होता है एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (EPF): ईपीएफ अकाउंट नौकरी पेशा लोगों के लिए होता है। इसे पीएफ भी कहा जाता है। इसमें आपका नियोक्ता सैलरी का कुछ फीसद हिस्सा काटकर (मौजूदा समय में 12 फीसद) पीएफ ऑफिस में जमा करा देता है। यह तय रकम सरकार की ओर से निर्धारित होती है और इस तय रकम में नियोक्ता भी अपना हिस्सा (हमारी सीटीसी का हिस्सा) जोड़कर जमा करवाता है। इसमें आपके निवेश पर 8.5 फीसद ब्याज मिलता है। आपको बता दें कि ईपीएफ का पैसा आप अपनी मौजूदा नौकरी छोड़ने के 3 महीने बाद कभी भी निकाल सकते हैं।

PF खाते का कितना पैसा लिया जा सकता है लोन?

घर खरीदने और होम लोन की ईएमआई चुकाने के लिए आप ईपीएफ खाते में जमा रकम का 90 फीसद हिस्सा निकाल सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको ईपीएफओ को तीन साल पुराना सदस्य होना जरुरी है। आप इस खाते से लोन अपनी, अपनी बहन, भाई या फिर बेटी की पढ़ाई, खुद की या बेटा एवं बेटी की शादी के लिए, इलाज के लिए, घर को खरीदने या फिर उसकी ईएमआई के लिए ले सकते हैं। इसमें रीपेमेंट की समय अवधि 24 महीने की होती है। लोन का भुगतान या तो मासिक तौर पर या फिर लंप सम में किया जा सकता है।

PF खाते से कैसे मिलेगा लोन?

पीएफ खाते से लोन लेने की प्रक्रिया को अगर आसान शब्दों में समझा जाए तो इसे लोन नहीं कहा जा सकता है। यह एक तरह से एडवांस निकासी होती है जिसे सिर्फ कुछ निश्चित परिस्थितियों में ही प्राप्त किया जा सकता है। नौकरी करने के दौरान भी आप पीएफ खाते से लोन निकाल सकते हैं। हालांकि यह आपके काम करने के वर्षों पर निर्भर करता है। पीएफ खाते से लोन प्राप्त करने के लिए आपको फॉर्म 31 जमा कराना होगा, इसे EPF एडवांस फॉर्म भी कहते हैं। इसके साथ आपको कुछ डॉक्यूमेंट भी जमा करने होते हैं। यानी अगर आप शादी के लिए लोन ले रहे हैं तो आपको अपनी शादी का कार्ड लगाना होता है। साथ ही आपको ईपीएफ फॉर्म 31 में अपनी पीएफ खाता संख्या, वेतन और बैंक खाते का विवरण भी देना होता है। इस प्रक्रिया के बाद ही आपका क्लेप प्रोसीड होगा और यह राशि सीधे आपके बैंक खाते में आ जाएगी।

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