जानिए, रोहित शर्मा के लिए क्यों इतना खास है ’13 नवंबर’ का दिन, जो कभी नहीं भूलते

टीम इंडिया के ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा के लिए 13 नवंबर का दिन बहुत खास है। साल 2014 में आज ही के दिन श्रीलंका के खिलाफ चौथे वन-डे में उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था, जिसे तोड़ना विश्व के किसी बल्लेबाज के लिए नामुमकिन सा लगता है। ओपनर रोहित शर्मा ने अपने पसंदीदा ग्राउंड कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर 173 गेंदों में 33 चौको और 9 छक्को की बरसात करके 264 रन की मैराथन पारी खेली थी। इस मैच को टीम इंडिया ने 153 रन के विशाल अंतर से जीता था।जानिए, रोहित शर्मा के लिए क्यों इतना खास है '13 नवंबर' का दिन, जो कभी नहीं भूलते

पहली बार धोनी ने आलोचकों को दिया बड़ा जवाब, कहा- सबके अपने-अपने विचार

दरअसल, एक साल पहले तत्कालीन कप्तान एमएस धोनीने आलोचनाओं से घिरे रोहित शर्मा को जनवरी 2013 में ओपनिंग पर भेजने का जोखिम उठाया था। इससे पहले उन्हें मिडिल ऑर्डर पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा जाता था। तब वो ज्यादा सफल नहीं हो रहे थे और उन्हें टीम से बाहर करने की आवाजें गूंजने लगी थी। फिर जिस चीज के लिए धोनी फेमस हैं, प्रयोग; उन्होंने वो ही किया। 

रोहित को ओपनिंग करने के लिए भेजा। मुंबई के गॉड गिफ्टेड बल्लेबाज को यह पोजीशन रास आई। उन्होंने एक के बाद एक शानदार पारियां खेली और बतौर ओपनर अपनी जगह स्थापित की। 13 नवंबर 2014 को रोहित ने ऐसी पारी खेली कि उनके तूफान में श्रीलंकाई टीम उड़ गई। गौरतलब है कि टीम इंडिया का इस मैच में नेतृत्व कर रहे अनियमित कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। 

उनके इस फैसले को रोहित शर्मा ने सही साबित किया। हालांकि, दाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपनी पारी की शुरुआत सहज ही की थी। उन्होंने पारी के 10वें ओवर में अर्धशतक पूरा किया। फिर उन्होंने अजंता मेंडिस की धुनाई करना शुरू की। रोहित ने सीकुगे प्रसन्ना के ओवर में कवर्स के ऊपर से शानदार छक्का जड़ा। यह उनकी तूफानी पारी के आगाज के संकेत थे। मेंडिस की गेंद पर रोहित ने मिडविकेट के ऊपर से दमदार छक्का जमाया। अब दबाव श्रीलंका पर आ चुका था। श्रीलंकाई गेंदबाजों की दिशा भटकने लगी, जिसका फायदा भारतीय बल्लेबाजों ने लंबे-लंबे शॉट खेलकर उठाया।

पारी के 30वें ओवर में टीम इंडिया ने पॉवरप्ले लिया। उस समय रोहित 90 गेंदों में 78 रन बनाकर खेल रहे थे। पॉवरप्ले में रोहित ने 21 गेंदों में 45 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान नुवान कुलसेकरा, अजंता मेंडिस और शमिंडा इरंगा की धुनाई की। इस बीच कप्तान विराट कोहली (66) रन आउट हो गए। इस तरह रोहित और कोहली के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 202 रन की साझेदारी का अंत हुआ। वैसे इससे ये संकेत जरूर मिले कि रोहित दोहरा शतक जमा सकते हैं क्योंकि पिछली बार जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोहित (209) ने दोहरा शतक जमाया था तब भी विराट कोहली रनआउट ही हुए थे।
बहरहाल, रोहित पर इसका कोई असर नहीं पड़ा क्योंकि टीम इंडिया के पास बल्लेबाजों की लंबी फौज थी। पॉवरप्ले के बाद रोहित टी20 पारी के मोड में बल्लेबाजी करने लगे और 83 गेंदों में 186 रन ठोक दिए। 29 ओवर क्रीज पर टिकने वाले रोहित ने पॉवरप्ले और उसके बाद के समय में सिर्फ 17 डॉट बॉल खेली जबकि इस दौरान उन्होंने चौको-छक्को की बरसात की। उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट्स जमाए और श्रीलंकाई गेंदबाजों के हौसले पूरी तरह पस्त कर दिए।
जब पारी के दो ओवर शेष थे तब रोहित 246 रन बनाकर खेल रहे थे। अगर कुछ ओवर और बचते तो निश्चित ही रोहित शर्मा तिहरा शतक पूरा कर लेते। आपको बता दें कि रोहित ने पहले 50 रन 72 गेंदों में पूरे किए थे। फिर 100 गेंदों में 100 रन, 125 गेंदों में 150 रन, 151 गेंदों में 200 रन और 166 गेंदों में 250 रन पूरे किए। 
रोहित के सभी शॉट्स एक परिपक्व बल्लेबाज के रूप में लगाए गए थे, जिसे हम यह नहीं कह सकते कि भाग्य के सहारे उन्होंने ऐसी पारी खेली। इस पारी के लिए रोहित शर्मा को मैन ऑफ द मैच चुना गया था। इस मैच के लिए यह भी कहा जाता है कि श्रीलंका टीम रोहित शर्मा से हार गई क्योंकि भारत के 404 रन के जवाब में पूरी श्रीलंकाई टीम 251 रन पर ऑलआउट हो गई, जो रोहित के व्यक्तिगत स्कोर से 13 रन कम थी। भारत ने पांच मैचों की इस वन-डे सीरीज में श्रीलंका का 5-0 से क्लीन स्वीप किया था।

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