जानिये..’ट्यूबलाइट’ में सलमान के गले में इन जूतों का क्या है राज ये फिल्म में नहीं,यहाँ मिलेगा

सलमान खान की ‘ट्यूबलाइट’ फिल्म के ट्रेलर में आपने सलमान को छाती पर जूते लेकर दौड़ते हुए देखा होगा। हम अपनी खबर में इन जूतों को लेकर एक ऐसा राज खोल रहे हैं, जो आपको फिल्म में नहीं पता लगेगा। ट्रेलर से पहले फिल्म के पोस्टर में भी सलमान जूतों को छाती पर लगाए खड़े हैं। जानिये..'ट्यूबलाइट' में सलमान के गले में इन जूतों का क्या है राज ये फिल्म में नहीं,यहाँ मिलेगा

चलिए, अब इस राज से पर्दा खोल देते हैं, कि सलमान के छाती पर जूतों के पीछे का ऐसा कौन सा राज है, जो आपको फिल्‍म में पता नहीं लगेगा।

दरअसल, पिछले साल जुलाई में मसूरी में किशन शू मेकर की दुकान पर एक फोन आया। फोन करने वाले फिल्म डायरेक्टर कबीर खान थे। उन्होंने ‌दुकानदार को 50-60 के दशक में पहने जाने वाले जूते बनाने का आर्डर दिया। किशन तब शायद जानते भी नहीं थे कि उनके हाथ से बनाए हुए जूते सलमान की फिल्म ट्यूबलाइट के पोस्टर में आर्कषण का केंद्र बनेंगे और ट्रेलर में भी सुर्खियां बटोरेंगे। किशन मूलरूप से ग्वालियर के रहने वाले हैं, लेकिन अंग्रेजी शासन के वक्त उनके पुरखे मसूरी में आकर बस गए थे।

किशन ने बताया कि कुछ साल पहले कबीर खान मसूरी आए थे। उन्होंने उनकी दुकान पर सैंडल बनावाए। फिर पिछली जुलाई में उनका फोन आया कि 50-60 साल पुराने अंदाज के 4-5 अलग-अलग डिजाइन के जूते चाहिए। आठ नंबर और नौ नंबर साइज के जूते बनाने को कहा। दरअसल यह खास तरह के मैन्स डिंगो लेदर बूट हैं। मसूरी में डिंगो बूट बनाने की परंपरा ब्रिटिश काल से ही चली आ रही है। 

डिजाइन देखने के बाद डायरेक्टर कबीर खान ने जूते फाइनल किए। किशन बताते हैं कि फिर कुछ दिन बाद उन्हें फोन आया कि डार्क टैन, स्वेड में आठ नंबर के 12 जोड़ी जूते चाहिए, लेकिन इन्हें हिमाचल के कूल्लू मनानी भेजना होगा। यहां उस दौरान फिल्म की शूटिंग चल रही थी। उन्होंने अपने कारीगरों के साथ मिलकर यह जूते तैयार किए और हरिद्वार से कुल्लू जाने वाली बस सेवा में पिछले साल नवंबर को 12 जोड़ी जूते भिजवाए।

 

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