जामा मस्जिद के शाही इमाम ने गृहमंत्री राजनाथ से कहा- अब गौरक्षा के नाम पर न हो बेकसूरों का कत्ल

दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर मुस्लिमों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। गौरक्षा के नाम पर मुस्लिमों पर हो रहे हमलो से चिंतित शाही इमाम ने पत्र में कहा की अगर जानवरों की रक्षा के नाम पर इसी तरह मुस्लिमों को मारा-पीटा गया तो इससे देश की शांति और सद्भव का माहौल खराब हो सकता है। जामा मस्जिद के शाही इमाम ने गृहमंत्री राजनाथ से कहा- अब गौरक्षा के नाम पर न हो बेकसूरों का कत्लसर्वदलीय बैठक में बोले PM मोदी दिया बयान, कहा- गोरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई

बुखारी ने पत्र में बकरीद का जिक्र करते हुए लिखा है कि बकरीद का त्योहार करीब है, ऐसे में मवेशियों को लाने ले जाने वाले लोगों की हिफाजत का जिम्मा भी सरकार का है। सरकार इन लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करे।
      
शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी ने राजनाथ सिंह को लिखे अपने पत्र में कहा है कि गौरक्षा के नाम पर हाल में हुई घटनाएं देश के लिए चिंता का विषय है। गौरक्षक बेकसूर लोगों को जानबूझकर अपना निशाना बना रहे है। एक खास तबके को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। बकरीद का त्योहार नजदीक है। 

बकरीद पर मुसलमानों में अलग-अलग मवेशियों की कुर्बानी करने की प्रथा है। जाहिर है, कुर्बानी के लिए मवेशी दूर-दराज के छोटे कस्बों, गांवों व फॉर्म हाउस से आते हैं। आज के समय में कोई भी ट्रांसपोर्टर मवेशियों को एक-जगह से दूसरी जगह ले जाने को तैयार नहीं है। बुखारी ने मवेशी लाने ले जाने वाले लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है।    

गौरक्षा के नाम पर हो रहे हैं हमले

गौरक्षा के नाम पर जो लोग इन हमलों को अंजाम दे रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की भी बुखारी ने मांग की है। बुखारी ने कहा है कि वह दूसरे सभी धर्में का उतना ही आदर करते हैं, जितना अपने धर्म का। शाही इमाम ने कहा कि वह गौकशी के समर्थक नहीं है, यह एक धर्म विशेष की आस्था से जुड़ा मामला है। इसके साथ उन लोगों की भावनाए जुड़ी हुई है। हम उनकी भावनाओ का सम्मान करते है।

चूंकि बकरीद के मौके पर जानवरों की कुर्बानी देने की प्रथा है। इसलिए हम नहीं चाहते की इसमें किसी तरह का व्यवधान हो, क्योकि जब हम किसी अन्य के धार्मिक आयोजन में व्यवधान नहीं डालते तो हमारी धार्मिक आयोजनों में भी कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए।

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