जिसके साथ जीने-मरने की कस्में खाई, उसी पत्नी को उतार दिया मौत के घाट

तेंदूखेड़ा, दमोह। जिसे पहली नजर में देखते ही प्यार हो गया था, जिसके साथ जीने-मरने की कस्में खाई और फिर शादी करने के बाद एक परिवार बनाया, अचानक मन में शक का ऐसा बीज आया कि उसने एक ही पल में अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया।

हम बात कर रहे हैं तेंदूखेड़ा ब्लॉक के जामुनखेड़ा गांव के बहादुर लोधी की। जिसने पत्नी के चरित्र संदेह पर हथौड़े से पीटकर उसकी हत्या कर दी है। आरोपी पति ने पत्नी की हत्या के बाद खुद ही सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

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रविवार रात पत्नी गुड्डीबाई 43 की हत्या करने वाले पति बहादुर लोधी 47 ने प्रेम विवाह किया था। दोनों पहली बार जामुनखेड़ा गांव में 25 साल पहले मिले थे। दोनों ने इसी गांव में एक दूसरे को देखा था और उसके बीच प्रेम हो गया। दोनों साथ जीने-मरने की कसमें खाईं और प्यार परवान चढ़ा।

परिवार के लोगों तक उन दोनों के प्रेम संबंध की खबर पहुंच गई। दोनों ने आपस में शादी करने का निश्चय कर लिया था, इसलिए परिवार के लोगों ने भी समझदारी दिखाते हुए उनके रिश्ते को स्वीकार किया और उनका विवाह कर दिया। आरोपी के भाई बलवंत सिंह ने बताया कि दोनों एक दूसरे से प्रेम करते थे और इसलिए परिवार ने उनकी शादी करा दी थी।

अपनी बहन के साथ गांव आई थी गुड्डी

आरोपी के भाई बलवंत ने बताया कि 25 साल पहले जबलपुर जिले के जूड़ी जटमा गांव की एक युवती की शादी गांव में हुई थी। गुड्डी उसकी बहन थी इसलिए विदा के समय वह अपनी बहन के साथ गांव आई थी। उस समय उसका भाई करीब 22 साल का था।

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उसने जब गुड्डी यानी उसकी भाभी को देखा तो उसके भाई को उससे प्रेम हो गया था। दोनों आपस में बात करते थे इसके बाद कई बार गुड्डी गांव आई और दोनों का रिश्ता मजबूत होता गया और फिर प्रेम संबंध शादी के रिश्ते में बदल गया। दोनों अच्छे से रहते थे। शादी के चार साल बाद पहली बेटी का जन्म हुआ और उसके बाद दो बेटी और जन्मीं। तीन में से दो बेटियों की शादी हो चुकी है, एक बेटी अविवाहित है।

उबला पानी नहीं मिला तो जा सकती है जान

आरोपी के भाई बलवंत ने बताया कि उसका भाई को टीबी है, इसके अलावा उसे एक अज्ञात बीमारी और है, उस बीमारी के प्रभाव से बचने के लिए उसे हमेशा उबला पानी पीना पड़ता है, यदि उसे उबला पानी नहीं मिलेगा तो उसकी जान जा सकती है।

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