जेल जाने से पहले नवाज शरीफ का ‘सहानुभूति कार्ड’, बोले- मुझे अकेला मत छोड़ना

भारत में अभी आम चुनाव में लंबा वक्त है, लेकिन पड़ोसी मुल्क में चुनाव का माहौल बना हुआ है. शुक्रवार को  एहतिसाब (जवाबदेही) अदालत की ओर से नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम और दामाद को जेल की सजा सुनाए जाने के बाद वहां की राजनीति ने नया मोड़ ले लिया है. सजा को शरीफ अपने पक्ष में भुनाने की कोशिशों में लग गए हैं.भारत में अभी आम चुनाव में लंबा वक्त है, लेकिन पड़ोसी मुल्क में चुनाव का माहौल बना हुआ है. शुक्रवार को  एहतिसाब (जवाबदेही) अदालत की ओर से नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम और दामाद को जेल की सजा सुनाए जाने के बाद वहां की राजनीति ने नया मोड़ ले लिया है. सजा को शरीफ अपने पक्ष में भुनाने की कोशिशों में लग गए हैं.  कहा जा रहा है कि जब यह फैसला सुनाया जा रहा था तब नवाज शरीफ और मरियम लंदन के एवेनफील्ड स्थित अपने अपार्टमेंट में थे. शरीफ की बेटी और उनके दो बेटे (हसन और हुसैन) अभी लंदन में हैं जबकि दामाद सफदर पाकिस्तान में हैं, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुए.  बेटी के साथ सामने आए नवाज  10 साल की जेल की सजा पाए जाने के बाद नवाज ने लंदन में आयोजित पीसी में कहा कि वह चोर नहीं हैं और जल्द ही पाकिस्तान लौटेंगे. उन्होंने कहा, 'मेरा जेल से संघर्ष जारी रहेगा. यह मेरे संघर्ष का एक हिस्सा है.' इस दौरान उनकी बेटी मरियम भी उनके बगल में बैठी थीं. नवाज को जेल के अलावा 80 लाख पौंड का जुर्माना भी लगाया गया.  चुनाव से महज 3 हफ्ते सजा का ऐलान होने के बाद संकट में दिख रही नवाज की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल) को नवाज ने अब इसका फायदा दिलाने के मकसद से सहानुभूति कार्ड खेलने की कोशिश की है.  सहानुभूति कार्ड खेलते हुए नवाज शरीफ ने कहा, 'मैं वादा करता हूं कि मेरा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक देश के लोगों को कुछ जनरल और जजों की ओर से उन पर थोपी गई दासता से मुक्त नहीं करा लेता.'  जल्द लौटेंगे स्वदेशः नवाज  पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, 'मुझे सजा इसलिए मिली, क्योंकि मैंने पाकिस्तान के लोगों को कुछ जनरलों और जजों की दासता से आजाद कराने की कोशिश की. मैं इन सब का सामना करने आ रहा हूं.' साथ ही यह भी कहा कि वह पाकिस्तान के संविधान को कुछ लोगों का गुलाम नहीं बनने देंगे.  हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कब स्वदेश लौट रहे हैं. जब उनसे लौटने को लेकर समय और तारीख के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी पत्नी कुलसूम नवाज की गंभीर बीमारी (गले के कैंसर) का हवाला दिया और कहा कि उसकी बीमारी के कारण वह तुरंत नहीं लौट सकते.  सहानुभूति कार्ड खेलते हुए उन्होंने आगे कहा, 'मैं देश से अपील करता हूं कि वे मेरे साथ आए और इस नाजुक क्षण में मुझे अकेला न छोड़ें.  अदालत के फैसले के बाद एक ट्वीट के जरिए मरियम शरीफ ने कहा, 'अनदेखी ताकतों के आगे दृढ़ता से खड़े होने के लिए यह बहुत छोटी सजा है. अत्याचार से लड़ने का मनोबल आज बढ़ गया.'  फैसला राजनीति से प्रेरित  दूसरी ओर, पीएमएल (एन) प्रमुख और नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ ने अदालत के फैसले को खारिज करते हुए इसे अनुचित तथा राजनीति से प्रेरित बताया. उनका कहना है कि पार्टी इस फैसले को नकारती है. पूरे मुकदमे में कोई ठोस कानूनी दस्तावेज पेश ही नहीं किए गए. नवाज शरीफ का नाम पानामा मुकदमे में कहीं नहीं लिखा. एवेनफील्ड और विदेशी कंपनियों में भी उनका नाम नहीं है.  पाकिस्तान की एक एहतिसाब (जवाबदेही) अदालत ने अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की गैरहाजिरी में उन्हें पनामा पेपर्स कांड से जुड़े भ्रष्टाचार के तीन मामलों में से एक में शुक्रवार को 10 साल कैद-ए-बामुशक्कत की सजा सुनाई और 80 लाख पौंड का जुर्माना लगा दिया. उनकी बेटी मरियाम को 3 साल और दामाद सफदर को 1 साल की जेल हुई है.  10 दिन में दायर करनी होगी अपील  डॉन अखबार की खबर के मुताबिक कौमी एहतिसाब ब्यूरो (एनएबी) तीनों दोषियों के आत्मसमर्पण करने के लिए कुछ समय तक इंतजार करेगा. यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो एनएबी मरियम और शरीफ को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू करेगा और सफदर को गिरफ्तार किया जाएगा. एनएबी की अभियोजन टीम के प्रमुख सरदार मुजफ्फर अब्बासी ने कहा कि आरोपी के पास अपील दायर करने के लिए 10 दिनों का वक्त है.  देश में 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव से पहले उनकी पार्टी एहतिसाब अदालत ने नवाज शरीफ 10 साल की जेल के अलावा मरियम को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और उन पर 20 लाख पौंड का जुर्माना लगाया. मरियम के पति और शरीफ के दामाद कैप्टन (सेवानिवृत) मोहम्मद सफदर को एक साल की कैद की सजा सुनाई. जांच अधिकारियों से सहयोग नहीं करने पर उन्हें यह सजा सुनाई गई.  सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत ने सुनवाई पांच बार स्थगित करने के बाद एवेनफील्ड भ्रष्टाचार मामले की सजा सुनाई. यह मामला लंदन के पॉश एवेनफील्ड हाउस में चार फ्लैटों के मालिकाना हक से जुड़ा है.भारत में अभी आम चुनाव में लंबा वक्त है, लेकिन पड़ोसी मुल्क में चुनाव का माहौल बना हुआ है. शुक्रवार को  एहतिसाब (जवाबदेही) अदालत की ओर से नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम और दामाद को जेल की सजा सुनाए जाने के बाद वहां की राजनीति ने नया मोड़ ले लिया है. सजा को शरीफ अपने पक्ष में भुनाने की कोशिशों में लग गए हैं.  कहा जा रहा है कि जब यह फैसला सुनाया जा रहा था तब नवाज शरीफ और मरियम लंदन के एवेनफील्ड स्थित अपने अपार्टमेंट में थे. शरीफ की बेटी और उनके दो बेटे (हसन और हुसैन) अभी लंदन में हैं जबकि दामाद सफदर पाकिस्तान में हैं, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुए.  बेटी के साथ सामने आए नवाज  10 साल की जेल की सजा पाए जाने के बाद नवाज ने लंदन में आयोजित पीसी में कहा कि वह चोर नहीं हैं और जल्द ही पाकिस्तान लौटेंगे. उन्होंने कहा, 'मेरा जेल से संघर्ष जारी रहेगा. यह मेरे संघर्ष का एक हिस्सा है.' इस दौरान उनकी बेटी मरियम भी उनके बगल में बैठी थीं. नवाज को जेल के अलावा 80 लाख पौंड का जुर्माना भी लगाया गया.  चुनाव से महज 3 हफ्ते सजा का ऐलान होने के बाद संकट में दिख रही नवाज की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल) को नवाज ने अब इसका फायदा दिलाने के मकसद से सहानुभूति कार्ड खेलने की कोशिश की है.  सहानुभूति कार्ड खेलते हुए नवाज शरीफ ने कहा, 'मैं वादा करता हूं कि मेरा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक देश के लोगों को कुछ जनरल और जजों की ओर से उन पर थोपी गई दासता से मुक्त नहीं करा लेता.'  जल्द लौटेंगे स्वदेशः नवाज  पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, 'मुझे सजा इसलिए मिली, क्योंकि मैंने पाकिस्तान के लोगों को कुछ जनरलों और जजों की दासता से आजाद कराने की कोशिश की. मैं इन सब का सामना करने आ रहा हूं.' साथ ही यह भी कहा कि वह पाकिस्तान के संविधान को कुछ लोगों का गुलाम नहीं बनने देंगे.  हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कब स्वदेश लौट रहे हैं. जब उनसे लौटने को लेकर समय और तारीख के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी पत्नी कुलसूम नवाज की गंभीर बीमारी (गले के कैंसर) का हवाला दिया और कहा कि उसकी बीमारी के कारण वह तुरंत नहीं लौट सकते.  सहानुभूति कार्ड खेलते हुए उन्होंने आगे कहा, 'मैं देश से अपील करता हूं कि वे मेरे साथ आए और इस नाजुक क्षण में मुझे अकेला न छोड़ें.  अदालत के फैसले के बाद एक ट्वीट के जरिए मरियम शरीफ ने कहा, 'अनदेखी ताकतों के आगे दृढ़ता से खड़े होने के लिए यह बहुत छोटी सजा है. अत्याचार से लड़ने का मनोबल आज बढ़ गया.'  फैसला राजनीति से प्रेरित  दूसरी ओर, पीएमएल (एन) प्रमुख और नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ ने अदालत के फैसले को खारिज करते हुए इसे अनुचित तथा राजनीति से प्रेरित बताया. उनका कहना है कि पार्टी इस फैसले को नकारती है. पूरे मुकदमे में कोई ठोस कानूनी दस्तावेज पेश ही नहीं किए गए. नवाज शरीफ का नाम पानामा मुकदमे में कहीं नहीं लिखा. एवेनफील्ड और विदेशी कंपनियों में भी उनका नाम नहीं है.  पाकिस्तान की एक एहतिसाब (जवाबदेही) अदालत ने अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की गैरहाजिरी में उन्हें पनामा पेपर्स कांड से जुड़े भ्रष्टाचार के तीन मामलों में से एक में शुक्रवार को 10 साल कैद-ए-बामुशक्कत की सजा सुनाई और 80 लाख पौंड का जुर्माना लगा दिया. उनकी बेटी मरियाम को 3 साल और दामाद सफदर को 1 साल की जेल हुई है.  10 दिन में दायर करनी होगी अपील  डॉन अखबार की खबर के मुताबिक कौमी एहतिसाब ब्यूरो (एनएबी) तीनों दोषियों के आत्मसमर्पण करने के लिए कुछ समय तक इंतजार करेगा. यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो एनएबी मरियम और शरीफ को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू करेगा और सफदर को गिरफ्तार किया जाएगा. एनएबी की अभियोजन टीम के प्रमुख सरदार मुजफ्फर अब्बासी ने कहा कि आरोपी के पास अपील दायर करने के लिए 10 दिनों का वक्त है.  देश में 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव से पहले उनकी पार्टी एहतिसाब अदालत ने नवाज शरीफ 10 साल की जेल के अलावा मरियम को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और उन पर 20 लाख पौंड का जुर्माना लगाया. मरियम के पति और शरीफ के दामाद कैप्टन (सेवानिवृत) मोहम्मद सफदर को एक साल की कैद की सजा सुनाई. जांच अधिकारियों से सहयोग नहीं करने पर उन्हें यह सजा सुनाई गई.  सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत ने सुनवाई पांच बार स्थगित करने के बाद एवेनफील्ड भ्रष्टाचार मामले की सजा सुनाई. यह मामला लंदन के पॉश एवेनफील्ड हाउस में चार फ्लैटों के मालिकाना हक से जुड़ा है.

कहा जा रहा है कि जब यह फैसला सुनाया जा रहा था तब नवाज शरीफ और मरियम लंदन के एवेनफील्ड स्थित अपने अपार्टमेंट में थे. शरीफ की बेटी और उनके दो बेटे (हसन और हुसैन) अभी लंदन में हैं जबकि दामाद सफदर पाकिस्तान में हैं, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुए.

बेटी के साथ सामने आए नवाज

10 साल की जेल की सजा पाए जाने के बाद नवाज ने लंदन में आयोजित पीसी में कहा कि वह चोर नहीं हैं और जल्द ही पाकिस्तान लौटेंगे. उन्होंने कहा, ‘मेरा जेल से संघर्ष जारी रहेगा. यह मेरे संघर्ष का एक हिस्सा है.’ इस दौरान उनकी बेटी मरियम भी उनके बगल में बैठी थीं. नवाज को जेल के अलावा 80 लाख पौंड का जुर्माना भी लगाया गया.

चुनाव से महज 3 हफ्ते सजा का ऐलान होने के बाद संकट में दिख रही नवाज की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल) को नवाज ने अब इसका फायदा दिलाने के मकसद से सहानुभूति कार्ड खेलने की कोशिश की है.

सहानुभूति कार्ड खेलते हुए नवाज शरीफ ने कहा, ‘मैं वादा करता हूं कि मेरा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक देश के लोगों को कुछ जनरल और जजों की ओर से उन पर थोपी गई दासता से मुक्त नहीं करा लेता.’

जल्द लौटेंगे स्वदेशः नवाज

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मुझे सजा इसलिए मिली, क्योंकि मैंने पाकिस्तान के लोगों को कुछ जनरलों और जजों की दासता से आजाद कराने की कोशिश की. मैं इन सब का सामना करने आ रहा हूं.’ साथ ही यह भी कहा कि वह पाकिस्तान के संविधान को कुछ लोगों का गुलाम नहीं बनने देंगे.

हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कब स्वदेश लौट रहे हैं. जब उनसे लौटने को लेकर समय और तारीख के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी पत्नी कुलसूम नवाज की गंभीर बीमारी (गले के कैंसर) का हवाला दिया और कहा कि उसकी बीमारी के कारण वह तुरंत नहीं लौट सकते.

सहानुभूति कार्ड खेलते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘मैं देश से अपील करता हूं कि वे मेरे साथ आए और इस नाजुक क्षण में मुझे अकेला न छोड़ें.

अदालत के फैसले के बाद एक ट्वीट के जरिए मरियम शरीफ ने कहा, ‘अनदेखी ताकतों के आगे दृढ़ता से खड़े होने के लिए यह बहुत छोटी सजा है. अत्याचार से लड़ने का मनोबल आज बढ़ गया.’

फैसला राजनीति से प्रेरित

दूसरी ओर, पीएमएल (एन) प्रमुख और नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ ने अदालत के फैसले को खारिज करते हुए इसे अनुचित तथा राजनीति से प्रेरित बताया. उनका कहना है कि पार्टी इस फैसले को नकारती है. पूरे मुकदमे में कोई ठोस कानूनी दस्तावेज पेश ही नहीं किए गए. नवाज शरीफ का नाम पानामा मुकदमे में कहीं नहीं लिखा. एवेनफील्ड और विदेशी कंपनियों में भी उनका नाम नहीं है.

पाकिस्तान की एक एहतिसाब (जवाबदेही) अदालत ने अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की गैरहाजिरी में उन्हें पनामा पेपर्स कांड से जुड़े भ्रष्टाचार के तीन मामलों में से एक में शुक्रवार को 10 साल कैद-ए-बामुशक्कत की सजा सुनाई और 80 लाख पौंड का जुर्माना लगा दिया. उनकी बेटी मरियाम को 3 साल और दामाद सफदर को 1 साल की जेल हुई है.

10 दिन में दायर करनी होगी अपील

डॉन अखबार की खबर के मुताबिक कौमी एहतिसाब ब्यूरो (एनएबी) तीनों दोषियों के आत्मसमर्पण करने के लिए कुछ समय तक इंतजार करेगा. यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो एनएबी मरियम और शरीफ को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू करेगा और सफदर को गिरफ्तार किया जाएगा. एनएबी की अभियोजन टीम के प्रमुख सरदार मुजफ्फर अब्बासी ने कहा कि आरोपी के पास अपील दायर करने के लिए 10 दिनों का वक्त है.

देश में 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव से पहले उनकी पार्टी एहतिसाब अदालत ने नवाज शरीफ 10 साल की जेल के अलावा मरियम को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और उन पर 20 लाख पौंड का जुर्माना लगाया. मरियम के पति और शरीफ के दामाद कैप्टन (सेवानिवृत) मोहम्मद सफदर को एक साल की कैद की सजा सुनाई. जांच अधिकारियों से सहयोग नहीं करने पर उन्हें यह सजा सुनाई गई.

सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत ने सुनवाई पांच बार स्थगित करने के बाद एवेनफील्ड भ्रष्टाचार मामले की सजा सुनाई. यह मामला लंदन के पॉश एवेनफील्ड हाउस में चार फ्लैटों के मालिकाना हक से जुड़ा है.

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