जो रूट ने जमाए पैर, इंग्लैंड की पारी संभली

राजकोट। भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे पहले टेस्ट मैच में भारतीय स्पिन गेेंदबाजों ने मेहमान टीम के तीन खिलाड़ियों को पैवेलियन भेज दिया है। 55 ओवर्स का खेल खेला जा चुका है। जिसमे इंग्लैंड ने लंच के बाद 3 विकेट पर 178 रन बना लिए हैं। जो रूट (78) और मोइन अली (33) क्रीज पर हैं।

jo_root_2016119_132453_09_11_2016अब इंग्लैंड टीम को शानदार फॉर्म में चल रहे जो रूट से काफी उम्मीद होगी कि वो टीम को परेशानी से निकाल विशाल स्कोर की ओर ले जाएं।

पहले सेशन में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार खेल दिखाया। लेकिन क्षेत्ररक्षकों ने उनका बिलकुल भी साथ नहीं निभाया। भारत की खराब फील्डिंग ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को तीन जीवनदान दिए।

इंग्लैंड टीम को पहला झटका कप्ताान एलिस्टेयर कुक के रूप में लगा। कुक ने खाता भी नहीं खोला था कि शमी की गेंद पर गली में रहाणे ने उनका कैच छोड़ा। कुक ने अभी 2 रन ही बनाए थे कि उनका यादव की गेंद पर विराट कोहली ने स्लिप में कैच छोड़ा। आखिरकार रवींद्र जडेजा ने उन्हें 21 रन के निजी स्कोर पर पगबाधा आउट किया।

भारत में पहली बार इस्तेमाल हो रहे अंपायर निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) का उपयोग इंग्लैंड ने किया।लेकिन फैसला उनके पक्ष में नहीं रहा। पदार्पण करने वाले सबसे युवा सलामी बल्लेबाज हसीब हमीद इस निर्णय के बावजूद बच नहीं सके और आउट हुए।

टीम को दूसरा और तीसरा झटका विश्व के नंबर वन गेंदबाज अश्विन ने दिया। उन्होने सलामी युवा बल्लेबाज हसीब हमीद(31) और बेन डकैत(13) को पैवेलियन भेजा।

इससे पहले इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। 19 वर्षीय हसीब हमीद टेस्ट पर्दापण करने वाले इंग्लैंड के सबसे युवा अोपनर बने।

भारत ने पिछले दिनों न्यूजीलैंड का क्लीन स्वीप किया था और वह इंग्लैंड के खिलाफ जीत की लय को बनाए रखने के इरादे से मैदान में उतरेगा। इंग्लैंड ने पिछली बार भारत को हराया था और वह इस बार भी उसी क्रम को बनाए रखने उतरेगा।

टीम इंडिया को यदि आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर बने रहना है तो उसे इंग्लैंड के खिलाफ यह सीरीज कम से कम ड्रॉ करानी होगी। यह सीरीज पिछले तीन दशक में भारतीय सरजमीं पर पांच टेस्ट की पहली सीरीज होगी और पहले टेस्ट के साथ टेस्ट केंद्र के रूप में राजकोट का पदार्पण होगा।

इससे पहले इंग्लैंड ने चार साल पहले भारत का दौरा किया था। इंग्लैंड ने 2012 में पहला मैच गंवाने के बाद वापसी करते हुए चार टेस्ट की सीरीज 2-1 से जीती थी। मौजूदा टेस्ट कप्तान एलिस्टेयर कुक और जो रूट के बल्ले से सीरीज में रन उगलने की उम्मीद होगी। टीम के सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज जेम्स एंडरसन भी कंधे की चोट से पूरी तरह नहीं उबरे हैं और कम से कम पहले टेस्ट में नहीं खेल पाएंगे।

भारत के मौजूदा टेस्ट कप्तान विराट कोहली चार साल पहले इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर मिली हार और फिर इंग्लैंड में पांच मैचों की सीरीज में 3-1 से शिकस्त झेलने वाली टीम इंडिया के हिस्सा थे। उम्मीद है कि इन हार से मिले अनुभव को कैप्टन कोहली टीम के लिए कड़वी मगर असरकारक दवाई की तरह इस्तेमाल करेंगे।

लोकेश राहुल, शिखर धवन और रोहित शर्मा के चोटिल होने के बावजूद भारत का बल्लेबाजी क्रम मजबूत है। टीम के पास फॉर्म में चल रहे कप्तान विराट कोहली से खासी उम्मीद होगी। वैसे कोहली का रिकॉर्ड इंग्लैंड के खिलाफ कोई खास नहीं रहा है। मुरली विजय और गौतम गंभीर पर टीम को शानदार ओपनिंग देने का दबाव होगा। उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने भी न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया था। लोकल बॉय और इन फॉर्म बल्लेबाज चेतेश्नर पुजारा की मजबूत कंधों पर भी टीम का दारोमदार होगा। टीम की गेंदबाजी की कमान इस वक्त दुनिया के टॉप रैंक टेस्ट गेंदबाज रविचन्द्रन अश्विन के हाथों होगी। तेज गेंदबाजी का जिम्मा उमेश यादव, मोहम्मद शमी संभालेंगे।

पहली बार डीआरएस का इस्तेमाल

यह भारत में पहली टेस्ट सीरीज होगी जिसमें अंपायरों के फैसले की समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) का इस्तेमाल किया जाएगा जिसका बीसीसीआई अब तक विरोध करता रहा है।

कैसी है पिच?

पिच के बारे में बात करते हुए कुंबले कहते हैं कि ‘यहां पहली बार टेस्ट मैच होगा, इसलिए पिच कैसे बिहेव करेगी ये कहना मुश्किल है।‘ पिच फ्लैट होने की वजह से बल्लेबाजों को फायदा होने की उम्मीद है। पिच को देखते हुए ही नायर और पंड्या में से किसी एक खिलाड़ी को टीम इंडिया में डेब्यू करने का मौका मिलेगा।

राजकोट पर इंडिया का रिकॉर्ड

भारत ने यहां दो वनडे और एक टी20 सहित कुल तीन मैच खेले, जिसमें से सिर्फ एक में जीत मिली। वनडे में टीम इंडिया को 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ 9 रन और अक्टूबर, 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 18 रन से हार का सामना करना पड़ा। उसने एकमात्र जीत टी20 मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अक्टूबर, 2013 में दर्ज की थी। भारतीय टीम ने ये मैच 6 विकेट से जीता था।

कोलकाता में 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ शिकस्त के बाद से भारत घरेलू मैदान पर 14 टेस्ट में अजेय रहा है।

टीमें – भारत: गौतम गंभीर, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, रविचंद्रन अश्विन, रिद्धिमान साहा, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, अमित मिश्रा।

इंग्लैंड : एलिस्टेयर कुक (कप्तान), हसीब हमीद, जो रूट, बेन डकैट, मोईन अली, बेन स्टोक्स, जॉनी बेयरस्टो, क्रिस वोक्स, आदिल रशीद, स्टुअर्ट ब्रॉड, जफर अंसारी।

 

You May Also Like

English News